क्या केवल उम्र के कारण आनंदीबेन ने छोड़ी सीएम की कुर्सी?
अहमदाबाद। गुजरात की पहली महिला सीएम आनंदीबेन पटेल ने अपनी पोस्ट से इस्तीफा देने की पेशकश की है क्योंकि उनका कहना है कि वो नवंबर में 75 साल की हो जायेंगी इसलिए उन्हें पदमुक्त किया जाये। आनंदीबेन ने ये बात अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर लिखी है। सूत्रों के मुताबिक आनंदीबेन को 15 अगस्त के बाद किसी राज्य के गवर्नर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
लेकिन क्या सच में उम्र फैक्टर ही उनके इस्तीफे का कारण है या बात कुछ और है। पिछले कुछ महीने से गुजरात में जिस तरह से हिंसा और नफरत की आंधी देखी गई है, उससे एहसास होता है कि बात सिर्फ उम्र की नहीं है।
आईये नीचे की स्लाइडोंं में जानते हैं उन कारणों को..

पाटीदार आरक्षण आंदोलन
पिछले एक साल से गुजरात में चल रहा पाटीदार आरक्षण आंदोलन आनंदीबेन के गले की फांस बन गया था। इस आरक्षण आंदोलन के कारण 2002 के दंगों के बाद पहली बार गुजरात में कर्फ्यू लगा जिसने आनंदीबेन के काम पर उंगली उठाई।

अमित शाह से दूरी
कभी अमित शाह की राईट हैंड मानी जाने वाली आनंदीबेन बीते कुछ समय से शाह की नाराजगी झेल रही थीं। मीडिया सूत्रों की माने तो अमित शाह आनंदीबेन के काम और कुछ फैसलों से खुश नहीं थे जो इस्तीफे की एक बड़ी वजह हो सकती है।

अनार पटेल का विवाद
आनंदीबेन पटेल पर परिवारवाद का आरोप लग रहा था। हद तब हो गई जब उन पर बेटी अनार पटेल को करोड़ों की वन विभाग की जमीन गलत तरीके से देने का आरोप लगा, जिसके बाद आनंदी पार्टी के अंदर और बाहर सब जगह निशाने पर आ गयीं।

ऊना दलित कांड
आनंदीबेन के लिए ऊना दलित कांड सबसे बड़ी मुसीबत बन गया। मामला गुजरात से संसद पहुंच गया जिसके लिए पीएम मोदी ने आनंदीबेन से जवाब भी मांगा था। उसी के बाद से लगने लगा था कि अब शायद आनंदीबेन को सीएम पद से हटा दिया जाये। उन्हें हटाया जाता इससे पहले ही वो खुद हट गईं।

आनंदीबेन पटेल: स्कूल टीचर से गुजरात की सीएम तक का सफर
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