कमरे से निकल चुपचाप पार्टी हेडक्वार्टर की कैंटीन पहुंचे अमित शाह, पीछे दौड़ा स्टाफ
नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार (30 दिसंबर) को पार्टी कार्यकर्ताओं को उस वक्त हैरान कर दिया, जब बिना किसी सूचना के वो पार्टी मुख्यालय की कैंटीन में पहुंच गए। इससे एकबारगी तो मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं में ऊहापोह की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान अनिल बलूनी और संजय मायुख भी उनके साथ थे। कैंटीन का मुआयना कर वो वहीं बैठ गए तो दूसरे लोगों के समझ में आया कि वो लंच के लिए आए हैं।

पर्सनल स्टाफ टिफिन लेकर दौड़ा
शनिवार को जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कैंटीन में जाकर बैठ गए तो उनका स्टाफ को समझ आया कि वो खाने के लिए गए हैं। भाजपा अध्यक्ष के कैंटीन की तरफ जाने से उनका स्टाफ भौंचक्का रह गया और उनके निजी सहायक आनन-फानन में उनका टिफिन लेकर कैंटीन की ओर भागे। आम तौर पर शाह कार्यालय के अपने कमरे में ही दोपहर का भोजन करते हैं, ऐसे में उनके कैंटीन में पहुंचना स्टाफ को समझ ही नहीं आया।

कैंटीन का किया मुआयना
अमित शाह कैंटीन का औचक निरीक्षण कर वहां व्यवस्था देखना चाहते थे। शाह ने यहां सारी चीजें देखी और चीजों के बेहतर रख-रखाव को कहा। उन्होंने यहां कर्मचारियों से कहा कि सभी सुविधाओं का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लंच पर अनौपचारिक बातचीत के लिए पत्रकारों को भी आमंत्रित किया था।

लगातार काम करते हैं शाह
अमित शाह ने सभी जिलों में पार्टी मुख्यालय का उद्घाटन भी इसी साल करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में कार्यालय खोले जाने के पीछे का उद्देश्य पार्टी की पहुंच देश के दूर-दराज वाले इलाकों तक करने का है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी महासिचवों के साथ बैठक कर देश के उन जिलों में कार्यालय खोलने का लक्ष्य निर्धारित कर रहे थे, जहां पार्टी का ऑफिस नहीं है। ऐसे में वो काफी समय कार्यालय में गुजार रहे हैं।












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