संविधान बदलने, सेक्युलर शब्द को हटाने पर अमित शाह ने कही बड़ी बात, बोले- देश पर्सनल लॉ से नहीं चलेगा
अमित शाह ने कहा कि हमारे पास पिछले 10 साल से बहुमत है, दोनों बार एनडीए को मिलाकर संविधान बदलने का ताकत है। हमने हमारे बहुमत का इस्तेमाल 370 हटाने में किया, सीएए लाने में किया, तीन तलाक समाप्त करने में किया है।
कांग्रेस कहती है कि हम आरक्षण हटा देंगे इसके लिए हमने बहुमत का ना इस्तेमाल नहीं किया है और ना ही करेंगे। भाजपा का वादा है ना हम आरक्षण हटाएंगे, ना कांग्रेस हटाना चाहेगी तो हटाने देंगे।

सेक्युलर शब्द को संविधान से हटाने की जरूरत नहीं
सेक्युलर शब्द को संविधान से हटाने की हमें कोई जरूरत नहीं है। इस देश को पंथ निरपक्षे बनाने का सबसे बड़ा आग्रह भाजपा का है, इसीलिए तो हम यूसीसी ला रहे हैं।
वो सरिया के आधार पर देश चलाने की बात कह रहे हैं। उनको जरा सेक्युलर बनने की जरूरत है, हमें नहीं है। हम कह रहे हैं कि देश का कानून धर्म के आधार पर होना चाहिए।
इन्हें यूसीसी चार शादी के लिए चाहिए
शाह ने कहा कि उन्हें यूसीसी चाहिए चार शादी करने के लिए। अगर पर्सनल लॉ लाना है तो चोरी के लिए हाथ काटना क्यों नहीं स्वीकार नहीं, देशद्रोह के लिए उनकी चमड़ी सिलकर, उनके शरीर पर पत्थर मारने की परंपरा क्यों नहीं है।
अगर लाना है तो पूरा लाइए। ये लोग क्या हमें पंथ निरपेक्षता सिखाएंगे, जो पार्टी अपने घोषणा पत्र में पर्सनल लॉ को लाने की बात कहती है कि क्या वो पंथ निरपेक्ष मानी जाएगी। क्या ये लोग पर्सनल लॉ के आधार पर देश को चलाएंगे।
अमित शाह ने कहा कि पंथ निरपेक्षता का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि सभी पंथ के अनुयायियों के लिए एक कानून होना चाहिए। कांग्रेस ध्रुवीकरण से नहीं डरती है, तुष्टिकरण करके ये लोग अपने बचे-खुचे वोट बैंक को बचाने में जुटी है।
देश पर्सनल लॉ से नहीं चलेगा
अमित शाह ने कहा कि क्या इस देश को शरिया के आधार पर चलना चाहिए, पर्सनल लॉ के आधार पर चलना चाहिए। दुनिया के किसी भी डेमोक्रेटिक देश में पर्सनल लॉ नहीं है, आखिर भारत में क्यों है। कई मुस्लिम देश में भी यह नहीं है, वो देश आगे बढ़ चुके हैं।
सीएए को लागू करना हमारी प्राथमिकता
वहीं एनआरसी को लेकर अमित शाह ने कहा कि हम देश में सीएए को लागू करना चाहते हैं। करोड़ों सनातनी, हिंदू, बौद्ध, सिख, पारसी जो दूसरे देश की प्रताड़ना सहकर भारत आए हैं उन्हें सीएए के तहत देश की नागरिकता दी जाए, यह हमारी प्राथमिकता है।। उसके बाद एनआरसी पर हम सोचेंगे। फिलहाल यह हमारे घोषणा पत्र में यह मुद्दा नहीं है।
अमित शाह ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य महान भारत का निर्माण करना है। जब देश की आजादी की शताब्दी मनाई जाए तो हर क्षेत्र में भारत नंबर एक हो, यह हर किसी का संकल्प है। काशी और मथुरा में मंदिर के निर्माण को लेकर अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग कोर्ट में गए हैं, उसपर फैसला आने के बाद मंदिर का निर्माण होगा। हमने कभी भी आंदोलन की बात नहीं की है।












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