' पहले हिंदू संगठन की तुलना लश्कर-ए-तैयबा से, अब सनातन का अपमान', कांग्रेस और DMK पर अमित शाह के बड़े आरोप
विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीएआई की ओर से सनातन धर्म को लेकर की गई टिप्पणी के बाद अमित शाह ने डीएमके और कांग्रेस को निशाने पर लिया है। शाह ने कहा कि ये यो दोनों दल वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा करते हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी के मामले में विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीएआई को निशाने पर लिया। रविवार को उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को अपमानित करने का ये पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी कांग्रेस और डीएमके जैसे दल ऐसा करते रहे हैं। इन दोनों पार्टियों के नेता सिर्फ अपने वोट बैंक के लिए ऐसा करते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि इसके पहले भी कांग्रेस ने सनातन धर्म को अपमानित करने कार्य किया था। पू्र्व की कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा था कि आरक्षण पर हक सिर्फ अल्पसंख्यकों का है।
सनातन धर्म को लेकर विपक्ष के बयानों की आलोचना करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (03 सितंबर) को कांग्रेस, डीएमके समेत अन्य दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों से भारतीय गठबंधन 'सनातन धर्म' का अपमान कर रहा है। डीएमके और कांग्रेस के नेता सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए 'सनातन धर्म' को खत्म करने की बात कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है उन्होंने हमारे 'सनातन धर्म' का अपमान किया है। इससे पहले मनमोहन सिंह ने भी कहा था कि बजट पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है, लेकिन हम कहते हैं कि पहला हक गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का है. आज कांग्रेस पार्टी का कहना है कि अगर मोदी जी जीतेंगे तो सनातन राज करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू संगठन लश्कर-ए-तैयबा से भी ज्यादा खतरनाक हैं। राहुल गांधी ने हिंदू संगठनों की तुलना लश्कर-ए-तैयबा से की।"

वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को लेकर रविवार को विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को मध्य प्रदेश के चित्रकूट में कहा, "उदयनिधि स्टालिन ने ये टिप्पणी तब की, जब तीन दिन पहले, वे (इंडिया गठबंधन के सदस्य) एक रणनीति बनाने के लिए मुंबई में मिले थे। क्या यह 'सनातन धर्म को खत्म करने की उनकी राजनीतिक रणनीति है।" केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा, "डीएमके और कांग्रेस के नेता सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन धर्म को खत्म करने की बात कर रहे हैं। ये पहली बार नहीं है जब उन्होंने हमारे सनातन धर्म का अपमान किया है। इससे पहले मनमोहन सिंह ने भी कहा था कि बजट पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है, लेकिन हम कहते हैं कि पहला हक गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों का है।"












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