Amarnath Yatra 2025: पहलगाम अटैक के बाद बढ़ी अमरनाथ यात्रा की चौकसी, जानें सरकार की क्या-क्या तैयारियां?
Amarnath Yatra 2025: हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राज्य में सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क हैं और घाटी में आतंकियों का सफाई अभियान चलाया जा रहा है। दोनों देशों के सीमाओं पर भारी तनाव का माहौल है इसी बीच हिंदू धर्म की पवित्र यात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा होने वाली है।
आगामी अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कमर कस ली है। राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार, 5 अप्रैल को श्रीनगर स्थित पंथा चौक ट्रांजिट कैंप का दौरा किया औप वहां चल रही तैयारियों की समीक्षा की।

Amarnath Yatra 2025: पंथा चौक में व्यवस्थाओं की समीक्षा
बता दें कि यह यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हो रही है जो 9 अगस्त तक चलेगी जिसकी पुष्टि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने की है। अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पंथा चौक स्थित ट्रांजिट कैंप में चल रहे निर्माण कार्यों, सुरक्षा प्रबंधों, मेडिकल सुविधाओं, और यात्रियों के ठहराव की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
LT सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी व्यवस्था अधूरी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। हमारा कर्तव्य है कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो।"
Amarnath Yatra 2025: सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्गों से होकर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की यात्रा करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा एक बड़ी प्राथमिकता है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
- मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, सेना और आईटीबीपी के संयुक्त तत्वावधान में एक बहु-स्तरीय सुरक्षा योजना बनाई गई है।
- पहलगाम हमले के बाद खास तौर पर दक्षिण कश्मीर में हाई सिक्योरिटी रखा गया है और विशेष क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाने को कहा गया है।
- वहीं यात्रा मार्गों पर ड्रोन निगरानी, क्यूआरटी (Quick Reaction Team) की तैनाती, और RFID आधारित ट्रैकिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
- रक्षा सुत्रों की मानें तो इस बार लगभग 70 हजार से अधिक अर्द्ध सैनिक बलों को खास तौर पर तैनात किया गया है। इसके अलावा सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी मुस्तैदी की जाएगी।
Amarnath Yatra 2025: केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय
- इस यात्रा के लिए केंद्र सरकार से भी विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
- गृह मंत्रालय की निगरानी में एक समन्वय केंद्र स्थापित किया गया है जो यात्रा के दौरान लगातार सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा करेगा।
- इसके साथ ही, इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
Amarnath Yatra 2025: यात्री पंजीकरण और हेल्पलाइन
श्राइन बोर्ड ने यात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक 24x7 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा। हेल्पलाइन के ज़रिए यात्री मार्गदर्शन, मेडिकल इमरजेंसी, और किसी भी प्रकार की सहायता ले सकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications