Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार किए गए ये खास इंतजाम, इस वाले रूट से जाना होगा सबसे आसान
Amarnath Yatra 2023, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 1 जुलाई 2023 दिन शनिवार से यात्रा शुरू हो जाएगी।

Amarnath Yatra 2023, जम्मू कश्मीर प्रशासन अमरनाथ यात्रा 2023 की तैयारियों में जुटा हुआ है। 1 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा के लिए इस बार कई नए और खास इंतजाम किए गए हैं। माना जा रहा है कि, इस बार यात्रा में कोविड के पहले वाले दौर जैसी रौनक देखने को मिलेगी।
3 जून को पवित्र अमरनाथ गुफा पर पहली पूजा के साथ ही इस साल की यात्रा के लिए गुफा को खोल दिया गया। 1 जुलाई से शुरू हो रही यह यात्रा 30 अगस्त तक चलने वाली है। इस बार यात्रा के लिए रूट से लेकर विश्रामगृहों तक को अपग्रेड किया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस बार सेना के सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को अमरनाथ गुफा तक आने जाने वाले दोनों रास्तों- पहलगाम और बालटाल के रख रखाव और अपग्रडेशन की जिम्मेदारी दी है।
बता दें कि अमरनाथ यात्रा के लिए दो रूट है। जम्मू कश्मीर से पहलगाम होते हुए अमरनाथ गुफा तक जा सकते हैं। दूसरा बालटाल से अमरनाथ तक का है।

पहलगाम रूट
यात्री जम्मू से 315 किमी की दूरी तय करके पहलगाम पहुंचते हैं। पहलगाम से अमरनाथ तक की यात्रा पैदल की जाती है। यह सफर 34 किमी का होता है। इस रूट से यात्रा में तकरीबन पांच दिन का वक्त लगता है। पहलगाम से 16 किमी की दूरी पर पहला पड़ाव चंदनबाड़ी पड़ता है। यहां एक रात गुजारने के बाद दूसरे दिन पिस्सु घाटी के लिए चढ़ाई शुरू होती है।
यहां से 12 किमी की यात्रा कर श्रद्धालु शेषनाग झील पहुंचते हैं और यहां रातभर आराम करने के बाद तीसरे दिन की यात्रा शुरू होती है। फिर श्रद्धालु शेषनाग से वारबल और महागुन स्टॉप पार करते हुए करीब साढ़े 6 किमी के फासले पर मौजूद पंचतरणी पहुंचते हैं। यहां से संगम होते हुए अमरनाथ की गुफा का सफर सिर्फ तीन किमी का है।
यह रास्त बालटाल के मुकाबले थोड़ा लंबा है लेकिन बुजुर्ग यात्रियों के लिए ये सुगम रास्ता है। यहीं नहीं इस रास्ते में पड़ने वाले पहाड़ और घाटियां बेहद ही सुंदर और मनोरम हैं। जो आपकी थकान महसूस नहीं करने देती है।

बालटाल रूट
अमरनाथ गुफा तक बालटाल से कम समय में पहुंच सकते हैं। यह छोटा रूट है। बालटाल से अमरनाथ गुफा की दूरी करीब 14 किलोमीटर है, लेकिन यह रास्ता काफी कठिन और सीधी चढ़ाई वाला है इसलिए इस रूट से ज्यादा बुजुर्ग और बीमार नहीं जाते हैं। अगर युवा है औऱ अपनी यात्रा को जल्द पूरा करना चाहते हैं तो ये रूट सबसे उपयुक्त है।

रूट से हटाई जा रही बर्फ
ताजा जानकारी के मुताबिक, पहलगाम में चंदनवाड़ी से पवित्र गुफा तक 20 किमी और बालटाल से गुफा तक 14 किमी के ट्रैक भारी बर्फ से ढके हुए हैं। बीआरओ और अन्य प्रशासनिक टीमें इन रूट से बर्फ हटाने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर कंक्रीट ट्रैक और सीढ़ियां बनाई जा रही हैं। यहीं नहीं पहलगाम और बालतल दोनों रस्ते पर ट्रैक को चौड़ा किया गया है।
रुकने के लिए की जा रही हैं नई व्यवस्थाएं
वहीं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने जम्मू- श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मजीन इलाके में नया यात्री निवास और आपदा प्रबंधन केंद्र बनाया है। 1.87 एकड़ एरिया में फैले इस यात्री निवास में 54 कमरे, 18 डॉरमेटरी, एक किचन और एक मल्टी लेवल कार पार्किंग होगी। श्राइन बोर्ड ने ओएनजीसी की सहायता से इस सुविधा का निर्माण किया है।












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