भारतीयों को लेकर मोदी सरकार अलर्ट, बांग्लादेश की स्थिति पर हुई सर्वदलीय बैठक, विदेश मंत्री ने दी ब्रीफिंग
All party-meeting ON Bangladesh crisis: बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापटल और वहां हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच संसद में मंगलवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शेख हसीना सरकार के पतन और बांग्लादेश में सेना के अधिग्रहण पर चर्चा की गई।
बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने सभी दलों के नेताओं को हिंसा प्रभावित देश की स्थिति और भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में मौजूद सांसदों को आश्वस्त किया कि बांग्लादेश सीमा पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। सरकार ने शेख हसीना से बात की है। इसके साथ उन्होंने कहा बांग्लादेश में जो स्थिति है, उसमें देश में मौजूद 12,000-13,000 भारतीयों को निकालने की जरूरत नहीं है।
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हालांकि विदेश मंत्री ने ये भी बताया कि सरकार बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद से वहां की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सरकार का ध्यान स्थिरता बनाए रखने और अगली बार जो भी सरकार सत्ता में आए, उसके साथ सकारात्मक संबंध बनाने पर है।
विदेश मंत्री ने बताया सरकारी नौकरियों के लिए विवादास्पद कोटा प्रणाली के विरोध के कारण लगभग 8,000 भारतीय, जिनमें अधिकांश छात्र हैं, वो पहले ही भारत लौट चुके हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने बताया हमारी सरकार हसीना को अपनी भविष्य की योजना तय करने के लिए कुछ समय देना चाहती है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्यम और दीर्घकालिक रणनीति विकसित करने का सुझाव दिया क्योंकि चुनाव होने तक बांग्लादेश में अंतरिम प्रशासन द्वारा शासन किया जाएगा।
बता दें इस बैठक में एस जयशंकर के अलावा गृह मंत्री रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अलावा राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद ब्रीफिंग में शामिल हुए। बैठक में एनडीए के सहयोगी और अधिकांश विपक्षी दल मौजूद रहे, हालांकि, AAP ने दावा किया कि उसे आमंत्रित नहीं किया गया था।
बता दें बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण को लेकर सड़कों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश में उथल-पुथल मच गई है। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा। अब तक इस हिंसा में 300 लोगों के मारे जाने की सूचना है।












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