Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक खत्म, 2 घंटे चली मीटिंग, सरकार की कार्रवाई का समर्थन
Pahalgam Terror Attack: 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत सरकार सख्त है। पाकिस्तान के खिलाफ बुधवार 23 अप्रैल को कड़े फैसले लेने के बाद गुरुवार 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। यह बैठक पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की स्मृति में बुलाई गई और इस दौरान 2 मिनट का मौन रखा गया।
सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद भवन पहुंचे। इस बैठक में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी मौजूद रहे।

संसद भवन में केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में मौजूद थे। सभी दलों ने पहलगाम आंतकी हमले की निंदा की। हमने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि सभी ने पहलगाम आंतकी हमले की निंदा की। विपक्ष ने सरकार को कोई भी कार्रवाई करने के लिए पूरा समर्थन दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर कहा कि यह बहुत दुखद घटना है... पिछले कई सालों से कश्मीर में लोग शांति से अपना व्यापार कर रहे थे, टूरिस्ट आ रहे थे, गतिविधियां चल रही थी और सब बहुत अच्छा हो रहा था।
सभी राजनैतिक दलों ने अपने-अपने विचारों को रखा और एक बात सामने आई कि देश को एकजुट होकर और एक आवाज में बोलना चाहिए... सभी पार्टियों ने कहा है कि वे सरकार के साथ हैं। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पूरा देश गुस्से में है, दुखी है और देश चाहता है कि केंद्र सरकार आतंकियों को उनकी भाषा में मुंहतोड़ जवाब दे।
जिस तरह से उन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की है, उनके कैंपों को नष्ट किया जाना चाहिए और पाकिस्तान के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना 22 अप्रैल को हुई और 20 अप्रैल को बिना सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के उस जगह को खोल दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। हमने मांग की है कि जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए कि सुरक्षा में चूक क्यों हुई।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार उस देश के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है जो आतंकी समूहों को पनाह देता है। अंतरराष्ट्रीय कानून हमें पाकिस्तान के खिलाफ आत्मरक्षा में हवाई और नौसैनिक नाकेबंदी करने और हथियारों की बिक्री पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की भी अनुमति देता है...CRPF को बैसरन मैदान में क्यों नहीं तैनात किया गया?
त्वरित प्रतिक्रिया दल को वहां पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा और उन्होंने लोगों का धर्म पूछकर उन्हें गोली क्यों मारी...कश्मीरियों और कश्मीरी छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद होना चाहिए। जिस तरह से आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या की, मैं उसकी निंदा करता हूं। यह बहुत अच्छी बात है कि सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन हम पानी कहां रखेंगे? केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी, हम उसका समर्थन करेंगे...यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है।












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