अखिलेश ने गोरखपुर में 12 महीने में 1,000 बच्चों की मौत का किया दावा, सीएम योगी से पूछा कब करेंगे चिंता
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नई दिल्ली- बसपा प्रमुख मायावती के उलट सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोटा पर नहीं गोरखपुर का नाम लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार पलटवार किया है। उनका आरोप है कि पिछले साल भर में ही गोरखपुर में एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। अखिलेश ने ये दावा उस वक्त किया जब राजस्थान के कोटा के सरकारी अस्पताल में 100 से ज्यादा मासूमों की मौत को लेकर वहां के सीएम अशोक गहलोत योगी और मायावती के निशाने पर हैं। अपने आरोपों में अखिलेश ने कोटा में बच्चों की मौत पर कोई सवाल नहीं उठाए हैं, अलबत्ता गोरखपुर को लेकर अपने दावों के समर्थन में जल्द ही एक लिस्ट जारी करने की बात जरूर कही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें लिस्ट जारी करने की चुनौती दे डाली है।

'एक साल में गोरखपुर में एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत'
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि पिछले 12 महीनों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 1,000 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। दरअसल, अखिलेश ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजस्थान के कोटा के सरकारी अस्पताल में हुए करीब 105 बच्चों की मौत पर सवाल उठाने के बाद उनपर यह पलटवार किया है। सपा नेता ने कहा है, 'यह अमानवीय व्यवहार है, क्योंकि बच्चों को समय पर दवा नहीं दी जा रही है। इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों को छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों को बीमारी के बारे में बताया नहीं दी जा रही है। यह अमानवीय है।' अखिलेश यादव का ये बयान सियासी तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस वक्त कोटा में 100 से ज्यादा मासूमों की मौत पर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ही नहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती के निशाने पर भी अशोक गहलोत और कांग्रेस सरकार है।

जल्द ही मृत बच्चों की लिस्ट जारी करने का दावा
अखिलेश यादव ने कोटा में मासूमों की मौत पर सवाल उठाने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधा है। उनके मुताबिक, 'योगी आदित्यनाथ को कोटा की मौतों पर चिंता है। वह गोरखपुर की मौतों पर कब चिंतित होंगे।' अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि गोरखपुर में बच्चे इंसेफेलाइटिस के शिकार हो रहे हैं, लेकिन इस तथ्य को छिपाने के लिए उन्हें गलत दवाइयां दी जा रही हैं, ताकि ये न पता चल सके कि मौत की वजह इंसेफेलाइटिस है। उन्होंने कहा है कि, 'मैं जल्द ही मृत बच्चों की एक लिस्ट जारी करूंगा...' उन्होंने सवाल किया कि 'गलत दवाइयां क्यों दी गईं? कौन जिम्मेदार है?'

अखिलेश के आरोप आधारहीन- उत्तर प्रदेश सरकार
हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने अखिलेश यादव के दावों का खंडन कर दिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने तो अलबत्ता मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की कोशिशों की तारीफ की है। उन्होंने कहा है, 'मैं तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं में सुधार के लिए सीएम की सराहना करूंगा। मौत का आंकड़ा बहुत ही तेजी से कम हुआ है, अपने दावों को सिद्ध करने के लिए अखिलेश को लिस्ट लेकर आना चाहिए। उनके आरोप आधारहीन हैं।'

योगी ने प्रियंका और गहलोत पर साधा था निशाना
दरअसल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर जोरदार हमला किया था। सीएम योगी ने प्रियंका पर लिखा था, "श्रीमती वाड्रा अगर यू.पी. में राजनीतिक नौटंकी करने की बजाय उन गरीब पीड़ित माताओं से जाकर मिलतीं,जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही की वजह से सूनी हो गई है तो उन परिवारों को कुछ सांत्वना मिलती। इनको किसी की न चिंता है,न कोई संवेदना, जनसेवा नहीं, सिर्फ राजनीति करनी है।" एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा था- "राजस्थान में कांग्रेसी सरकार, वहां के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी की उदासीनता, असंवेदनशीलता और गैर-जिम्मेदाराना रवैया और इस मामले में चुप्पी साधे रहना मन दुखी कर देने वाला है।"
मायावती ने की गहलोत को बर्खास्त करने की मांग
उधर बसपा प्रमुख मायावती ने कोटा में हुई मासूमों की मौत पर शुक्रवार को भी कांग्रेस नेताओं पर अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा। गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा था, शुक्रवार को उनके निशाने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रहे और उन्होंने सीएम को बर्खास्त करने तक की मांग कर दी। उन्होंने इस संबंध में शुक्रवार को दो ट्वीट किए- "राजस्थान की कांग्रेस सरकार के सीएम गहलोत का, कोटा में लगभग 100 मासूम बच्चों की हुई मौत पर, अपनी कमियों को छिपाने के लिए आएदिन चोरी व ऊपर से सीनाजोरी वाले अर्थात् गैर-जिम्मेवारान् व असंवेदनशील तथा अब राजनैतिक बयानबाजी करना, यह अति शर्मनाक व निन्दनीय।" दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा- "ऐसे में कांग्रेस का लगभग 100 माओं की कोख उजड़ जाने पर केवल अपनी नाराजगी जताने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इनको तुरन्त बर्खास्त करके वहां अपने सही व्यक्ति को सत्ता में बैठाना चाहिए तो यह बेहतर होगा। वरना वहां और भी माओं की कोख उजड़ सकती है।"












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