फिर उद्धव से अलग NCP के सुर, अजीत पवार बोले- शिंदे से इस्तीफा मांगने की जरूरत नहीं, सपने में भी नहीं देंगे
जिस तरह से उद्धव ठाकरे ने कहा कि एकनाथ शिंदे को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, उसपर अजीत पवार ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। हमे पता है कि वह सपने में भी इस्तीफा नहीं देंगे।

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। एक तरफ जहां पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि नैतिक आधार पर एकनाथ शिंदे को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, तो वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के साथी एनसीपी के नेता अजीत पवार ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है।
अजीत पवार ने कहा नैतिक आधार पर मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफा मांगने की कोई जरूरत नहीं है। हम जानते हैं कि वह सपने में भी इस्तीफा नहीं देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मौजूदा लोगों लोगों में काफी अंतर है।
अजीत पवार ने कहा कि उस वक्त हमारे स्पीकर ने बिना हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पूछे इस्तीफा दे दिया था, ऐसा नहीं होना चाहिए था। अगर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, हम तुरंत नए स्पीकर को चुन सकते थे। अगर हमारा स्पीकर होता तो उस वक्त 16 विधायक अयोग्य करार दे दिए गए होते।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि हम एकनाथ शिंदे और 15 अन्य विधायकों को तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने की वजह से निष्कासित नहीं कर सकते हैं। यह अधिकारी स्पीकर के पास होता है, या फिर बड़ी संवैधानिक बेंच इसपर अपना फैसला दे।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ठाकरे सरकार को फिर से बहाल करने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उनके नेता ने सदन में शक्ति प्रदर्शन करने की बजाए इस्तीफा देने का फैसला लिया। साथ ही कोर्ट ने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया।
कोर्ट के फैसले के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि एकनाथ शिंदे लोकतंत्र की हत्या के बाद जीते हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, जैसे मैंने दिया। वहीं संजय राउत ने कोर्ट के फैसले को नैतिक जीत बताया है।












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