हाय राम..अजय माकन और रमन सिंह आजाद के नाम पर क्या कर गये?
नई दिल्ली। आज देश के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती है लेकिन दिल्ली के सीएम पद का सपना देखने वाले कांग्रेस नेता अजय माकन और छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह को आजाद और भगतसिंह का अंतर नहीं मालूम, तभी तो दोनों महान लोगों ने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर चंद्रशेखर आजाद की जगह भगत सिंह को श्रद्दांजलि दे दी।
दोनों लोगों ने शहीद ए आजम को अपनी भाव-भीनी श्रद्दांजलि अर्पित कर दी, लेकिन जब थोड़ी देर बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बवाल मचाया तब जाकर दोनों लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ और फिर दोनों ही लोगों ने ट्विटर और फेसबुक दोनों जगह से भगत सिंह की फोटो डिलीट करके चंद्रशेखर की फोट लगायी।
लेकिन तब तक चारों ओर दोनों लोगों की जमकर खिल्ली उड़ चुकी थी, दोनों ही नेता राजनीति में खासी पकड़ रखते हैं लेकिन दोनों ही लोगों ने आज ऐसी गलती करके लोगो को हंसने और बात करने का मौका दे दिया था।
हमारे राजनेताओं को पता ही नहीं आजाद और भगत सिंह में अंतर
मालूम हो कि पण्डित चन्द्रशेखर 'आजाद' का जन्म 23 जुलाई 1906 को हुआ था, देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले आजाद की सन् 1922 में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण विचारधारा बदल गई थी जिसके कारण वे क्रान्तिकारी गतिविधियों से जुड़ कर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसियेशन के सक्रिय सदस्य बन गये।
इस संस्था के माध्यम से उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में पहले 9 अगस्त 1924 को काकोरी काण्ड किया और फरार हो गये। इसके पश्चात् सन् 1927 में 'बिस्मिल' के साथ 4 प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत की सभी क्रान्तिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसियेशन का गठन किया और भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सॉण्डर्स का हत्या करके लिया एवं दिल्ली पहुँच कर असेम्बली बम काण्ड को अंजाम दिया।














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