Air India Crash पीड़ित के बेटे ने US Court में बोइंग पर ठोका मुकदमा, कोर्ट में इंसाफ की अपील

Air India Crash Update: 2 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (Boeing 787-8 Dreamliner) था, एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में विमान के सभी 229 यात्री और 12 क्रू मेंबरों की मौत हो गई, साथ ही जमीन पर मौजूद 19 लोग भी मारे गए।

इस प्लेन क्रैश में अपनी मां कलपना बेन प्रजापति को खो चुके हिर प्रजापति अब न्याय की तलाश में अमेरिका की संघीय अदालत पहुंचे हैं।

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उनका कहना है कि भारत में कानूनी प्रक्रिया लंबी और धीमी हो सकती है, जबकि अमेरिका में ऐसे मामलों का निपटारा तेजी से होता है। इसी वजह से उन्होंने बोइंग कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज को अपना प्रतिनिधि बनाया है।

Boeing legal case पर पीड़ित परिवार ने क्या कहा?

हिर प्रजापति ने ANI से बात करते हुए बताया, "हमने माइक एंड्रयूज को नियुक्त किया है। हमें उम्मीद है कि ब्लैक बॉक्स से कच्ची जानकारी जल्द ही हमें मिले ताकि हम वकील के साथ मिलकर अगले कदम तय कर सकें। भारत में मुकदमे लंबे समय तक चल जाते हैं, इसलिए हमने अमेरिका में केस लड़ने का फैसला किया है ताकि जल्दी फैसला आ सके।"

दुर्घटना के बाद सरकारी मदद और चिकित्सीय सहयोग के लिए हिर प्रजापति ने भारतीय सरकार, पुलिस और डॉक्टरों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "हमें न्याय की उम्मीद है। हादसे के समय सरकार ने हमारा भरपूर साथ दिया। पुलिस ने भी हर तरह से मदद की। डॉक्टरों ने भी तेज DNA जांच के बाद शव हमें सौंपे, इसके लिए हम उनके आभारी हैं।"

'मां ने कई बार टिकट कैंसिल कराया था'

हिर प्रजापति ने बताया कि उनकी माँ की यात्रा की योजना कई बार बदल गई थी। उन्होंने कहा, "मैंने उनकी शुरुआत में 9 जून की फ्लाइट बुक की थी, लेकिन वह उस दिन उपवास में थीं। इसलिए मैंने टिकट 11 जून के लिए किया। फिर उन्होंने कहा कि वह इस दिन यात्रा नहीं करना चाहतीं। आखिरकार 12 जून की टिकट बुक की।"

हादसे के दो महीने की होने पर 12 अगस्त की शाम पीड़ित परिवारों ने मोमबत्ती जलाकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। माइक एंड्रयूज, जो 65 से अधिक परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, "आज इस दुखद घटना की दो महीने की सालगिरह है। यह दिन सभी के लिए बहुत कठिन रहा। परिवारों ने मोमबत्ती जलाई और श्रद्धांजलि दी। हमें यहां बुलाने के लिए हम आभारी हैं। परिवार न्याय की तलाश में अभी भी लगे हुए हैं।"

न्याय मिलने की उम्मीद बाकी

हिर प्रजापति और अन्य पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अदालत में मामला जल्दी निपट जाएगा। इस बीच वे अपनी मां-बाप और परिजनों के लिए न्याय की उम्मीद में बने हुए हैं ताकि इस दर्दनाक हादसे को न्याय की प्रक्रिया से कुछ हद तक सहारा मिल सके।

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