'तुम्हारी बेटी विधवा हुई होती तो क्या खेलते', IND-PAK मैच पर आगबबूला हुए ओवैसी, इन गुरु पर भी जमकर भड़के
Owaisi on India vs Pakistan Match: दुबई में हो रहे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ हुआ है। विपक्ष लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। महाराष्ट्र की प्रमुख विपक्षी शिवसेना यूबीटी मैच के विराोध में जहां सड़कों पर प्रदर्शन किया वहीं विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी गरमा गया है।
इसी कड़ी में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसके साथ ही ओवैसी ने भारत के एक प्रसिद्ध गुरु के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

भाजपा शासित राज्यों के सीएम पर निकाला गुस्सा
इससे पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने असम और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा। ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि, "मेरा सवाल असम और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों समेत सभी से है कि जब पाकिस्तान ने पहलगाम में हमारे 26 नागरिकों की पहचान धर्म पूछकर की और फिर उन्हें गोली मार दी, तो क्या आपके पास इतनी ताकत भी नहीं कि आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार कर सकें?"
अगर तुम्हारी बेटी विधवा हो जाती तो क्या मैच खेलते?"
एआईएमआईएम प्रमुख ने भावनात्मक रूप से सवाल उठाया, "अगर तुम्हारी बेटी विधवा हो जाती तो क्या तुम यह मैच खेलते?" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी हमला बोला, यह कहते हुए कि अगर पीएम ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते और आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तो फिर वह बीसीसीआई को क्रिकेट मैच के लिए मंजूरी कैसे दे सकते हैं?
श्रीश्री रविशंकर के बयान पर दी लोगों को ये सलाह
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच पर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के बयानों को लेकर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ओवैसी ने देशवासियों को ऐसी सोच वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
गृहयुद्ध की धमकी दे रहा था, अब वो शांति...
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ओवैसी ने लिखा, "यह व्यक्ति बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर भारत में गृहयुद्ध की धमकी दे रहा था, और अब वह शांतिवादी बन गया है। ट्रंप की बजाय, श्री श्री रविशंकर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। भगवान भारत को ऐसे 'राष्ट्रवादियों' से बचाए।"
श्रीश्री रविशंकर ने भारत-पाक मैच पर क्या दिया था बयान?
दूसरी ओर, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "खेलों में राजनीति का दखल नहीं होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से अभी ऐसा नहीं है। मैं यह फैसला अपने देश के युवाओं पर छोड़ता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर वे खेलना चाहते हैं तो उन्हें किसी को नहीं रोकना चाहिए। खेल दुनिया भर के लोगों को एकजुट करते हैं। खिलाड़ी राजनेता नहीं हैं, वे स्वतंत्र हैं। हमें हर उस रास्ते को तलाशना चाहिए, जिससे हम समाज में और शांति ला सकें।"












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