'वे हमसे हमारे शरीयत को छीनना चाहते हैं', असम में मुस्लिम मैरिज एक्ट रद्द करने पर भड़के ओवैसी
Muslims Marriages Act: असम की भाजपा सरकार की ओर से मुस्लिम मैरिज एक्ट रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ एमआईएमआईएम चीफ असुदद्दीन ओवैसी भड़के हुए नजर आए। उन्होंने असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर हमला बोला। ओवैसी ने मुस्लिम विवाह अधिनियम को रद्द करने के लिए असम की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए 'शरीयत' छीनने का आरोप लगाया।
शरिया एक धार्मिक कानून है, जो इस्लाम की परंपरा का हिस्सा है। जिसको लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मजहब के खिलाफ कदम करार दिया है।

हैदराबाद में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए ओवैसी भाजपा पर हमलावर नजर आए। उन्होंने कहा कि "असम में भाजपा सरकार ने मुस्लिम विवाह के 90 वर्ष पुराने अधिनियम को हटा दिया और कहा कि मुस्लिमों की शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होगी, तो फिर निकाह में ख़ुत्बा कौन पढ़ेगा और मेहर कौन देगा? यानि अब असम में मुसलमान शादी करेंगे तो ना ही काजी रहेंगे और ना ही दुल्हन को मेहर मिलेगा। वे हमसे हमारे शरीयत को छीनना चाहते हैं।"
ओवैसी ने कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट में 'निकाह' का कोई प्रावधान नहीं है, जो मुस्लिमों का धार्मिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हकीकत यह है कि असम सरकार मुसलमानों से उनके मजहबी अधिकार छीन रही है।
Recommended Video
बता दें कि असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार की कैबिनेट बैठक में 23 फरवरी को मुस्लिम मैरेजेज एंड डायवोर्सेज एक्ट, 1935 को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार के फैसले के बाद असम सीएम ने विधानसभा में कहा कि वह जब तब जीवित हैं, तब तक राज्य में किसी बच्ची का बाल विवाह नहीं होने देंगे।
विधानसभा में अपने भाषण में उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, "मैं आपको राजनीतिक रूप से चुनौती देना चाहता हूं। मैं 2026 से पहले इस दुकान को बंद कर दूंगा।"












Click it and Unblock the Notifications