Tamil Nadu Politics: AIADMK ने फूंका चुनावी बिगुल, पलानीस्वामी के तेवरों से बढ़ी तमिलनाडु की सियासी गरमी
Tamil Nadu AIADMK Politics: तमिलनाडु में अगले साल यानी 2026 विधानसभा चुनाव होना है इसके साथ ही राज्य की राजनीति में चुनावी मोड में आ चुकी है। विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी AIADMK ने अपने महासचिव ई.के. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व में 10 दिसंबर को एक मीटिंग रखी गई।
हालांकि, ये कोई सामान्य बैठक नहीं थी बल्कि 2026 का पूरा खाका खिंचा जा रहा था। इस विशाल जनरल काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग में स्पष्ट कर दिया है कि वह इस बार पूरी तैयारी और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने वाली है।

बैठक में EPS ने ऐलान किया कि 2026 के विधानसभा चुनावों में AIADMK की अगुआई वाला गठबंधन भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और ज्यादा बढ़ गई है।
DMK पर EPS का सीधा वार- "2026 से डरी हुई है DMK"
पलानीस्वामी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि DMK सरकार चुनावों से पहले घबराई हुई है, क्योंकि जनता अब उसके "भ्रष्टाचार-प्रधान शासन" से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई DMK मंत्रियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के मामले हैं, लेकिन सरकार ध्यान भटकाने के लिए AIADMK पर आरोप लगाती रहती है।
ई.के. पलानीस्वामी का आरोप था भ्रष्टाचार, वसूली और कमीशन-यही DMK का मंत्र है। जनता अब सब समझ चुकी है और बदलाव तय है। उनके इस बयान ने सभा में मौजूद हजारों समर्थकों में जोश भर दिया।
2026 से पहले भारी शक्ति प्रदर्शन
बैठक में AIADMK की संगठनात्मक ताकत पूरी स्पष्टता से नजर आई। 2,000 से अधिक जनरल काउंसिल सदस्य, बड़ी संख्या में एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य, और कई विशेष आमंत्रितों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि EPS की पकड़ पार्टी पर बेहद मजबूत है। संगठन के भीतर उनका नेतृत्व इस बार लगभग चुनौतीहीन दिख रहा है।
मीटिंग समाप्त होने के बाद जब EPS श्रीवारी हॉल से बाहर निकले, तो पार्टी कैडर ने उनका जोरदार नारों और तालियों से स्वागत किया। माहौल बिल्कुल चुनावी रैली जैसा था-मानो AIADMK ने 2026 के चुनावी अभियान की आधिकारिक शुरुआत यहीं से कर दी हो।
महिला विंग ने भी संभाला मोर्चे
AIADMK महिला विंग की उप सचिव गायत्री रघुराम ने भी DMK पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2026 का चुनाव "जनता बनाम DMK शासन" में बदल चुका है और अब लोग एक मजबूत गठबंधन की तलाश में हैं।
गायत्री रघुराम ने ANI से कहा DMK सरकार ने जनता को धोखा दिया, कुप्रबंधन से राज्य को पीछे धकेला और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। अब तमिलनाडु बदलाव चाहता है और AIADMK फिर सत्ता में लौटेगी। उनकी टिप्पणी से साफ था कि AIADMK महिलामोर्चा भी अभियान के अग्रिम मोर्चे पर है और आक्रामक तरीके से चुनावी माहौल तैयार कर रहा है।
तमिलनाडु तैयार हो रही सियासी मुकाबले की जमीन
AIADMK के इस बड़े शक्ति प्रदर्शन के तुरंत बाद, DMK खेमे में हलचल तेज हो गई है। DMK लगातार पलटवार करते हुए EPS व पूर्व AIADMK सरकार पर भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक विफलताओं के आरोप दोहरा रही है। दोनों दलों के बीच यह तकरार साफ संकेत दे रही है कि 2026 का चुनाव बेहद टकरावपूर्ण और निर्णायक होने वाला है।
DMK अपनी उपलब्धियों और सामाजिक कल्याण योजनाओं को जनता के बीच aggressively प्रचारित करने में जुटी है। राज्य में आने वाले महीनों में दलित वोट बैंक, महिला मतदाता, युवा रोजगार, और क्षेत्रीय मुद्दे सब चुनावी रणनीति के केंद्र में रहने वाले हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि AIADMK की यह मीटिंग चुनाव अभियान का 'सिग्नल' बन चुकी है और EPS ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी रणनीति इस बार 'सॉफ्ट पॉजिशन' की नहीं, बल्कि सीधी टक्कर की होगी।
2026 का खेल दिलचस्प होने वाला है
AIADMK की आक्रामक एंट्री और EPS के तीखे बयान ने तमिलनाडु के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। DMK भी हमलों का जवाब देने में कोई कमी नहीं छोड़ रही। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले महीनों में गठबंधन कैसे बनते हैं, मुद्दे कैसे उभरते हैं और आखिरकार जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपती है। 2026 की चुनावी जंग में तमिलनाडु एक बार फिर एक जोरदार राजनीतिक मुकाबले का गवाह बनने जा रहा है।












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