ऑगस्ता घोटाला- सोनिया और यूपीए पर राज्यसभा में सुब्रह्मण्यम स्वामी का हल्ला बोल
नई दिल्ली। राज्यसभा में आज ऑगस्ता घोटाले की चर्चा के विषय पर भाजपा के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने जमकर हमला बोला। स्वामी ने एक-एक करके कांग्रेस की तत्कालीन यूपीए सरकार पर ताबड़तोड़ हमले किये। स्वामी ने ऑगस्ता घोटाले पर बोलते हुए कहा कि यूपीए सरकार में जानबूझकर नियमो को तोड़ा-मरोड़ा गया। उन्होंने कहा कि नेवी का अकेला अधिकारी इतना बड़ा घोटाला नहीं कर सकता है।
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स्वामी के अहम आरोप
1-क्रिस्चियन मिशेल ने हाथ से लिखा पत्र इस बात की ओर इशारा करता है कि कांग्रेस के कई नेता इस मामले में सीधे तौर पर लिप्त है। बिचौलिये हश्के के हाथ से लिखे नोट से भी यह बात साफ होती है कि भारत में करोड़ो रूपए घूस के तौर पर दिये गये।
2-मनमोहन सिंह का नाम इस मामले में आने के बाद इटली की कोर्ट के जज ने कहा कि हमें भारत सरकार की ओर से कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया। ऐसे में किसके फैसले के बाद यह किया गया यह बात सामने आनी चाहिए।
3- वास्तविक डील से छह गुना ज्यादा कीमत पर इस डील को किया गया। 4577 करोड़ रुपए में इस डील को किया गया। डीलिंग कमेटी ने इस राशि को बेस राशि के तौर पर निर्धारित किया। लेकिन ऑगस्ता ने कहा कि हमें सिर्फ 3000 करोड़ रुपए की जरूरत है, ऐसे में मोलभाव की जरूरत क्या है।
4- 8 हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे, लेकिन जब यह सुनिश्चित हो गया कि आगस्ता से ही खरीदा जाना है तो चार और हेलीकॉप्टर को खरीदे जाने का फैसला लिया गया। ऐसे में वो कौन अतिरिक्त वीवीआईपी थे जिनके लिए यह खरीदा गया। इसके लिए सरकार ने 1200 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिये।
5- जिस हेलीकॉप्टर को खरीदना था उसका ट्रायल किये जाने की बजाए दूसरे हेलीकॉप्टर का ट्रायल किया गया और जिस हेलीकॉप्टर को खरीदा गया उसे ट्रायल में पास दिखाया गया।
6- केबिन हाईट का अंतर्राष्ट्रीय नियम 1.7 मीटर है, लेकिन भारतीय कम हाइट के होते हैं, इसलिए इसे 1.45 मीटर किया गया था। लेकिन जानबूझकर इसकी उंचाई को 1.8 मीटर किया गया ताकि बाकि के टेंडर्स को बाहर किया जा सके। ऐसे में जो भी अधिकारी ये मंत्री इसमें लिप्त हैं उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
7- जब आप महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में इन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं तो इसपर लांचर से गिराये जाने का संभावना नहीं रहती है इसलिए इसे बैन नहीं किया गया था।
8- 11-12-2013 में कुसुम राय ने सवाल पूछा कि हेलीकाप्टर की उड़ान भरने की उंचाई 6000 होनी चाहिए। उस वक्त एके एंटनी ने कहा था कि 2006 में इस स्पेसिफिकेशन को बदला गया था। ऐसे में इस नियम को एनडीए सरकार ने नहीं बल्कि यूपीए सरकार ने बदला था।
9- हेलीकॉप्टर को खरीदने की वजह यह थी कि वीवीआईपी सियाचिन और कठिन जगहों पर जा सके। इसके लिए यह जरूरी था कि इसकी उड़ान भरने की उचाई 6000 फीट से उपर हो ताकि उसे हाथ से चलाये जाने वाले लांचर से गिराया हीं जा सके।












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