सपा के बाद JDU ने भी विपक्षी गठबंधन को लेकर उठाए सवाल, कांग्रेस बोली- सिर्फ इन्हीं को दिक्कत क्यों?
इंडिया ब्लॉक की अंदरूनी लड़ाई अब धीरे-धीरे सतह पर आ चुकी है। पहले मध्य प्रदेश विधासभा चुनावों में सीटों के तालमेल को लेकर कांग्रेस और सपा में जुबानी जंग छिड़ी, जिसे किसी तरीके से ठीक करने की कोशिशें शुरू की गईं।
अब इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (इंडिया) के दूसरे घटक भी सामने आ रहे हैं, जिससे लगता है कि अंदर ही अंदर विपक्षी गठबंधन के बीच असहजता का माहौल है। क्षेत्रीय दलों के बीच एक तरह से यह धारणा बन रही है कि कांग्रेस उनको लेकर ज्यादा सख्त रवैया अपना रही है या उन्हें अहमियत देने को तैयार नहीं है।

जेडीयू ने भी इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस के रवैए पर उठाए सवाल
रविवार को ही बहुजन समाजवादी पार्टी ने सपा और कांग्रेस के बीच हुए विवाद को लेकर आरोप लगाया था कि इंडिया ब्लॉक की पार्टियों के पास भाजपा से लड़ने के लिए कोई वैचारिक आधार नहीं है और वे सिर्फ सत्ता के लिए एकजुट हुए हैं। अगले दिन ही बिहार में सत्ताधारी जदयू की ओर से जो कुछ कहा गया है, उससे यह बात ज्यादा स्पष्ट हो गई कि विपक्षी गठबंधन में तालमेल का भारी अभाव है।
'संकट लोकसभा चुनावों से पहले इंडिया ब्लॉक को प्रभावित करेगा'
न्यूइंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता केसी त्यागी ने सपा-कांग्रेस के हालिया विवाद को लेकर कहा है, 'विवाद दुर्भाग्यपूर्ण था और यह संकट लोकसभा चुनावों से पहले इंडिया ब्लॉक को प्रभावित करेगा.....राज्यों में घटक दलों के बीच आपसी लड़ाई नहीं होनी चाहिए।'
सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए गठबंधन-बीएसपी
रविवार को बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने एक्स (ट्विटर) पर कांग्रेस-सपा के विवाद को लेकर लिखा था, 'हालिया बयानबाजी इस बात का सबूत है कि दोनों पार्टियों के पास बीजेपी से लड़ने के लिए वैचारिक आधार नहीं है.....ये लोग सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए गठबंधन में आए हैं।'
अखिलेश यादव कांग्रेस पर लगा चुके हैं धोखा देने का आरोप
अब जेडीयू नेता ने कहा है, 'हालांकि इंडिया ब्लॉक का मतलब 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए था, समन्वय समिति की बैठक में कांग्रेस ने सपा से कुछ सीटों के लिए बातचीत शुरू की, क्योंकि वहां उसकी थोड़ी-बहुत मौजूदगी है। किसी वजह से बात नहीं बन पायी।' सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा था कि पहले कांग्रेस एमपी में उसके लिए 6 सीटें छोड़ने की बात पर विचार कर रही थी, लेकिन बाद में धोखा दे दिया। सपा ने 33 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।
सिर्फ दो पार्टियां ही शिकायत कर रही हैं- कांग्रेस
हालांकि, कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद मनिकम टैगोर ने इस मुद्दे को लेकर कहा है, 'हम इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि इंडिया एलायंस 2024 के लिए है। हालांकि, सपा और आम आदमी पार्टी जैसे कुछ दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की और गठबंधन के बारे में बात की। अगर कोई इसकी अपनी तरह से व्याख्या करता है, तो उसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं....'
लेकिन, कांग्रेस नेता ने चुभने वाली बात ये कह दी है कि '...जबकि इंडिया ब्लॉक की 26 पार्टियों को कांग्रेस से कोई दिक्कत नहीं है, सिर्फ दो पार्टियां ही शिकायत कर रही हैं....'। विपक्षी गठबंधन में जारी इस मतभेद के बीच एनसीपी ने कहा है कि चाहे चुनाव राष्ट्रीय हो या राज्य का गठबंधन के सहयोगियों को गठबंधन धर्म का पालन करना और मिलकर लड़ना चाहिए।
एनसीपी ने भी कांग्रेस को दिखाया आईना
कांग्रेस से एनसीपी में शामिल हुए पीसी चाको के मुताबिक, 'गठबंधन का मतलब है कि सभी दलों को उनकी ताकत के हिसाब से जगह मिलनी चाहिए। केरल में एनसीपी जैसी छोटी पार्टी का भी एक मंत्री है।' उन्होंने कांग्रेस से कहा है कि उसे क्षेत्रीय दलों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए।
उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तालमेल को लेकर हुई बात के बारे में खुलासा किया कि, '2019 में राहुल गांधी ने वास्तविक नजरिया नहीं अपनाया, जबकि आम आदमी पार्टी बदलाव के लिए तैयार थी।'












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