विधानसभा चुनाव खत्म होते ही 2024 के लिए बीजेपी शुरू करेगी 'स्नेह संवाद' अभियान, जानिए क्या है तैयारी?
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होते ही बीजेपी 'अल्पसंख्यक स्नेह संवाद' अभियान शुरू करने की तैयारियों में जुटी हुई है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी की ओर से अल्पसंख्यकों के बीच अपना आधार तैयार करने के लिए यह बहुत बड़ा कार्यक्रम होने की संभावना है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में नवंबर में विधानसभा चुनाव खत्म होंगे और बीजेपी दिसंबर से अल्पसंख्यक संपर्क अभियान में जुट जाएगी।

पीएम मोदी भी करेंगे शिरकत
पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक, 'यह संपर्क अभियान 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगा और अगले साल लोकसभा चुनावों तक जारी रहेगा। अल्पसंख्यक स्नेह संवाद कार्यक्रम के तहत पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मीटिंग करेंगे। हालांकि, अभी तक इस मीटिंग की तारीख पक्की नही हुई है।'
अल्पसंख्यक समुदाय के प्रभावशाली लोगों को भी जोड़ा जाएगा
उन्होंने बताया, 'इस पहल के तहत सामाजिक और धार्मिक प्रभाव वाले नेताओं के साथ-साथ मोदी मित्रों और महिला लाभार्थियों (केंद्रीय योजनाओं की) की अल्पसख्यक समुदाय के खेल शख्सियतों और समुदाय के अन्य प्रभावशाली सदस्यों के साथ चर्चा करवाई जाएगी।'
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे शुरुआत
इस अभियान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बड़ा रोल निभाने जा रहा है और इसकी शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। सूत्रों के अनुससार अल्पसंख्यक स्नेह संवाद के तहत बूथ सशक्तिकरण से लेकर अल्पसंख्यकों के साथ सामाजिक संपर्क बढ़ाने और महिलाओं का सम्मेलन और सूफी डायलॉग जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पीएम मोदी के विचारों और प्रयासों पर फोकस
पार्टी सूत्र के मुताबिक 'इस संवाद कार्यक्रम को पीएम मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म, देशभक्ति, राष्ट्रवाद और एक भारत श्रेष्ठ भारत, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के विचारों और इन विचारों को सफल बनाने वाले प्रयासों पर फोकस किया जाएगा।'
सबके विकास पर आधारित होगा यह अभियान
भाजपा सूत्र के अनुसार अल्पसंख्यकों तक पहुंच बनाने का यह अभियान सबके विकास पर आधारित होगा, न कि किसी एक के तुष्टिकरण पर, जो कि बीजेपी के सामूहिक न्याय के विचार से प्रभावित है और यही इस अभियान का लक्ष्य भी होगा।
पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम का लक्ष्य अल्पसंख्यक समुदाय तक यह बात पहुंचाने की है कि केंद्र सरकार किस तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और समाज में किस तरह से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जा सकता है।
पार्टी हर स्तर पर इस कार्यक्रम को दे रही है अहमियत
बीजेपी इस संवाद कार्यक्रम को किस स्तर पर महत्त्व दे रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बूथ स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के नेतृत्व को सक्रिय किया जा रहा है। पार्टी सूत्र के अनुसार, 'बीजेपी के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष, क्लस्टर माइनोरिटी मोर्चा टीम, स्टेट माइनोरिटी टीम, लोकसभा चुनावों के प्रदेश-प्रभारी, राज्य विधानसभाओं के प्रभारी, विधानसभा की टीम, मंडल और बूथ स्तर तक के पार्टी पदाधिकारी इस पहल के हिस्सा होंगे।'
दरअसल, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा पिछले कई महीनों से खासकर मुस्लिम समुदाय में भारतीय जनता पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए अभियान में जुटा हुआ है। इस साल के शुरुआती महीनों में ही प्रधानमंत्री स्तर से पार्टी कार्यकर्ताओं को खासकर पसमांदा मुसलमानों की समस्याओं की ओर ध्यान देने के लिए कहा गया था।
पार्टी ने देश के करीब 60 अल्पसंख्यक बहुल लोकसभा क्षेत्रों पर अपना प्रभाव बढ़ाने की दिशा में भी काफी काम किया है। इन सब तैयारियों के बाद अब ऐसे कार्यक्रम की शुरआत होने वाली है, जिसमें प्रधानमंत्री को भी शामिल करने की योजना तैयार की गई है।












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