कल सुबह वाराणसी पहुंचेंगे नमो, पहले गंगा आरती और फिर होगा पूजन, जिला प्रशासन ने दी इजाजत

मोदी के मसंबूे पर पानी फेरने के लिए यह कोई चाल है या फिर सच में जिला प्रशासन की एक कठोर और सकारात्मक कार्रवाई, इसका अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है। हालांकि, मोदी के आरे से अभी तक प्रशासन को कोई दूसरा जवाब नहीं भेजा गया है। बता दें कि वाराणसी में 12 मई को मतदान किया जाना है आैर यहां से कांग्रेस के अजय राय, भाजपा से नरेंद्र मोदी और आप से अरविंद केजरीवाल अपने अगले 5 साल के भविष्य को आजमाने के लिए चुनावी मैदान में पहले ही उतर चुके हैं।
वाराणसी में 12 मई को मतदान किया जाना है। यह सीट इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गई है कि क्योंकि यहां से मोदी और आप के अरविंद चुनाव लड़ रहे हैं। गुरुवार को मोदी वाराणसी में आकर सबसे गंगा आरती करने वाले थे और उसके आद यहां के आम जनों से वोट की अपील। लेकिन जिला प्रशाससन ने उन्हें बेनियाबेग इलाके में रैली करने से मना कर दिया और कहा कि मोदी यदि कोई दूसरे स्थान का प्रस्ताव भेजते हैं तो प्रशासन अनुमति देने पर विचार कर सकता है। प्रशासन का कहना है कि बेनियाबेग एक भीड़-भाड़ वाला इलाका है और यहां ज्यादा भीड़ इकटृठी होने से कोई हादसा भी हो सकता है। हालांकि वाराणसी में धारा- 144 पहले से ही लागू है।
कहीं ऐसे तो नहीं बन रहा मोदी रोको प्लान:
भाजपा समर्थकों ने आराेप लगाया है कि यूपी मेंं सत्ता रूढ़ समाजवादी पार्टी जान-बूझकर जिला प्रशासन से मोदी की रैली को अनुमति नहीं देने के लिए दबाव डाल रही है। सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि सपा ने इस बात के लिए पूरी योजना बना ली है कि अगले 12 मई तक मोदी किसी भी प्रकार से यूपी में कोई रैली नहीं कर सकें। दूसरी ओर भाजपा समर्थकों ने कयास लगाई है कि ऐ-केन-प्रकारेण मोदी को रैली करने की अनुमति मिल ही जाएगी। फिलहाल, यह बात तो किसी से नहीं छिपी है कि वर्तमान में सपा और भाजपा एक दूसरे के कट्टर दुश्मन बने हुए घूम रहे हैं। ऐसे में शायद मोदी की रैलियों पर पाबंदी लगाकर मोदी लहर को रोकने का प्लान यिका जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications