द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नी' कहने पर बुरे फंसे अधीर रंजन चौधरी, स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी को घेरा
नई दिल्ली, 28 जुलाई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध किया। लेकिन इस दौरान विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी नए विवाद में घिर गए हैं। दरअसल अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति की जगह राष्ट्रपत्नी कहकर संबोधित किया। जिसके बाद अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ भाजपा और शीर्ष केंद्रीय मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस महिला और देश के दलितों का अपमान कर रही है। कांग्रेस को संसद में इसके लिए माफी मांगनी चाहिए, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं अधीर रंजन चौधरी ने साफ तौर पर कहा है कि मांफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता है, मैंने गलती से राष्ट्रपत्नी कह दिया था।

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस की अध्यक्ष एक महिला हैं बावजूद इसके कांग्रेस के नेता महिलाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी करते हैं। वह संवैधानिक पद पर बैठी महिला के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ भाजपा के सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्रवाई को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। स्मृति ईरानी ने लोकसभा में सोनिया गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने द्रौपदी मुर्मू के अपमान को स्वीकृति दी है। सोनिया जी ने देश के सर्वोच्च पद पर बैठी महिला के अपमान को बढ़ावा दिया है। बता दें कि इस दौरान सोनिया गांधी सदन में मौजूद थीं।
ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के लोग जानते हैं कि देश की राष्ट्रपति को इस तरह से संबोधित करना ना सिर्फ उनके संवैधानिक पद का अपमान है बल्कि देश की समृत्थ दलित विरासत का भी अपमान है, जिसका द्रौपदी मुर्मू प्रतिनिधित्व करती हैं। कांग्रेस के नेता इस तरह से देश की सक्षम महिला की अपमान कर रहे हैं। वहीं भाजपा के सोशल मीडिया हेड अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस का यह एक और निचला स्तर है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कहकर संबोधित किया। यह ना सिर्फ सेक्सिस्ट चरित्र को दर्शाता है बल्कि एक आदिवासी महिला के लिए तिरस्कार का प्रतीक है। वह एक मामूली पृष्ठभूमि से उठकर देश के सर्वोच्च पद पर पहुंची हैं। वहीं अधीर रंजन का कहना है कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता है, मैंने गलती से राष्ट्रपत्नी कहा था, सत्ताधारी दल जानबूझकर इसे राई का पहाड़ बना रहा है।












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