Adani Ports ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह के साथ की साझेदारी, IMEC के जरिए भारत–यूरोप ट्रेड को मिलेगा बूस्‍ट

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह Marseille Fos Port के साथ एक अहम समझौता (MoU) किया है। यह समझौता 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' (IMEC) के तहत भारत और यूरोप के बीच व्यापार को और आसान व तेज़ बनाने के लिए किया गया है। यह करार फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron की भारत यात्रा के दौरान हुआ, जो दोनों देशों की मजबूत होती साझेदारी को दिखाता है।

Adani Ports

IMEC कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती

IMEC की शुरुआत 2023 में नई दिल्ली में हुए G20 New Delhi Summit 2023 के दौरान हुई थी। यह एक बड़ा मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट है, जिसमें समुद्री, रेल, डिजिटल और स्वच्छ ऊर्जा नेटवर्क को जोड़ा जा रहा है। इस नए समझौते का मकसद इसी कॉरिडोर के जरिए व्यापार को ज्यादा सुगम और व्यवस्थित बनाना है।

मुंद्रा और हजीरा बनेंगे प्रमुख गेटवे

इस साझेदारी के बाद APSEZ के मुंद्रा और हजीरा बंदरगाह भारत के पश्चिम एशिया से जुड़ने वाले अहम पूर्वी प्रवेश द्वार बनेंगे। वहीं, मार्सिले फोस यूरोप का प्रमुख पश्चिमी गेटवे होगा। फ्रांसीसी बंदरगाह करीब 70 मिलियन टन अतिरिक्त कार्गो क्षमता के साथ भारत-यूरोप व्यापार को नई रफ्तार देगा।

हरित और स्मार्ट पोर्ट पर जोर

दोनों पक्ष पोर्ट डिजिटलीकरण, स्मार्ट पोर्ट टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और वैकल्पिक ईंधन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। साथ ही मुंद्रा और मार्सिले फोस के बीच एक "ग्रीन मरीन कॉरिडोर" विकसित किया जाएगा, जिससे शिपिंग में कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

IMEC पोर्ट्स क्लब की भी स्थापना होगी, जिससे इस कॉरिडोर से जुड़े बंदरगाहों के बीच बेहतर तालमेल और नीतिगत सहयोग हो सकेगा।

क्‍या बोले अधिकारी?

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने इस समझौते को "भारत के बंदरगाह ढांचे को यूरोप से जोड़ने वाला अहम मील का पत्थर" बताया। उनके मुताबिक, यह साझेदारी यूरोप के साथ अंतिम कड़ी को जोड़ती है और सप्लाई चेन को और मजबूत बनाएगी।

मार्सिले फोस पोर्ट के सीईओ हर्वे मार्टेल ने भी इसे IMEC के लिए एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत और मार्सिले इस कॉरिडोर के दो अहम छोर पर हैं और मिलकर एशिया-यूरोप के बीच अधिक कुशल और टिकाऊ व्यापार मार्ग तैयार करेंगे।

APSEZ और मार्सिले फोस की क्षमता

APSEZ, अदाणी समूह का हिस्सा है और देशभर में 15 बंदरगाहों का संचालन करता है। इसकी कुल कार्गो हैंडलिंग क्षमता 633 मिलियन टन सालाना है, जो भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28% है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी क्षमता 1 बिलियन टन तक बढ़ाने का है।

वहीं, मार्सिले फोस पोर्ट सालाना लगभग 74 मिलियन टन कार्गो संभालता है और दक्षिणी फ्रांस व यूरोप को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला बड़ा लॉजिस्टिक हब है।

भारत-यूरोप व्यापार को मिलेगा नया रास्ता

यह समझौता भारत और यूरोप के बीच व्यापार को नई दिशा देगा। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी, व्यापार लागत घटेगी और IMEC एक सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद वैकल्पिक व्यापार मार्ग के रूप में उभरेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+