मोतीलाल नगर पुनर्विकास: अडानी का 1 लाख करोड़ का बड़ा दांव

दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी मुंबई के उपनगरीय इलाके में स्थित मोतीलाल नगर पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट के जरिए करीब 17 लाख वर्ग मीटर का सेलेबल एरिया (बिक्री योग्य क्षेत्र) हासिल करने जा रहे हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, अडानी ग्रुप इस बड़े स्तर के प्रोजेक्ट में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है।

Motilal Nagar redevelopment by Adani Group

करीब 143 एकड़ में फैले मोतीलाल नगर पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत कुल 28 लाख वर्ग मीटर का बिल्ट-अप एरिया तैयार होने की उम्मीद है। इसमें से 10.5 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा हिस्सा मौजूदा निवासियों के पुनर्वास और महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

अडानी ग्रुप की कंपनी 'एस्टेटव्यू डेवलपर्स' को 'फ्री सेल एरिया' के तौर पर लगभग 17 लाख वर्ग मीटर (करीब 1.82 करोड़ वर्ग फुट) जगह मिलेगी, जिसे वह खुले बाजार में बेच सकेगी। म्हाडा (MHADA) के उपाध्यक्ष और सीईओ संजीव जायसवाल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में होने वाला कुल निवेश अगले 10 से 15 वर्षों की अवधि में किया जाएगा।

अडानी ग्रुप ने पिछले साल इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई थी। यह 'कंपनसेशन डिस्कशन एंड एनालिसिस' (CD&A) मॉडल के तहत होने वाला पहला पुनर्विकास प्रोजेक्ट है। सूत्रों के अनुसार, इस इलाके में फिलहाल मार्केट रेट करीब 30,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है, जिससे रेजिडेंशियल डेवलपमेंट कमाई के लिहाज से काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इसे 'मिक्स्ड-यूज' प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसमें रिहायशी घरों के साथ-साथ कमर्शियल स्पेस, स्कूल और होटल जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। हालांकि, किस सेगमेंट को कितनी जगह मिलेगी, इसका अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।

रीडेवलपमेंट प्लान के तहत, करीब 5,000 मौजूदा घरों, दुकानों और झुग्गियों का सात साल के भीतर पुनर्वास किया जाना है, हालांकि इसमें कुछ समय की छूट दी जा सकती है। अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता मूल निवासियों को घर देना है।

प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाले फायदों की बात करें तो हर रेजिडेंशियल यूनिट होल्डर को 1,600 वर्ग फुट का घर मिलेगा, जबकि कमर्शियल यूनिट मालिकों को 957 वर्ग फुट जगह दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इलाके की आबादी काफी बढ़ जाएगी और परिवारों की संख्या 5,000 से बढ़कर लगभग 25,000 तक पहुंच सकती है।

जमीन का मालिकाना हक म्हाडा के पास ही रहेगा, जबकि डेवलपर निर्माण और बिक्री का काम संभालेगा। डेवलपर को किसी भी तरह की फंडिंग या डेवलपमेंट राइट्स ट्रांसफर करने के लिए अथॉरिटी से पहले मंजूरी लेनी होगी।

मोतीलाल नगर प्रोजेक्ट मुंबई में चल रहे बड़े पुनर्विकास अभियान का हिस्सा है। इसके अलावा शहर में 923 एकड़ में फैले 11 और प्रोजेक्ट्स की योजना है। इनमें कमाठीपुरा, वर्ली का आदर्श नगर, अभ्युदय नगर और बांद्रा रिक्लेमेशन जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से मुंबई की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।

आने वाले इन प्रोजेक्ट्स के जरिए कुल 75,445 घरों का पुनर्विकास किया जाना है। अधिकारियों ने मौजूदा स्लम रिहैबिलिटेशन मॉडल में सुधार और रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया है, क्योंकि मुंबई में रेंटल यील्ड फिलहाल 2 प्रतिशत के करीब है। धारावी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स और इन पुनर्विकास कार्यों से शहर में घरों की सप्लाई बढ़ेगी और शहरी बुनियादी ढांचे को नया रूप मिलेगा।

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