एक्ट्रेस नफीसा अली को हुआ ल्यूकोडर्मा, इंस्टाग्राम पर लिखा- जीवन में आप कुछ जीतते हैं और कुछ हारते हैं
मुंबई। अभिनेत्री और समाजसेवी नफीसा अली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में खुलासा किया है कि उन्हें ल्यूकोडर्मा नाम की बीमारी हो गई है। 63 साल की नफीसा हाल ही में कैंसर से रिकवर हुई हैं। इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए नफीसा ने लिखा कि कीमोथेरेपी के बाद से, मैंने अपने गर्दन के आसपास सफेद पैच देखा। ये बिल्कुन वैसा था जैसे समुद्री इलाकों में टैन हो जाता हो। मैंने इस सफेद पैच को अपने चेहरे पर भी देखा। उन्होंने आगे लिखा 'यह जीवन है ... आप कुछ जीतते हैं और कुछ हारते हैं। मुझे ल्यूकोडर्मा का पता चला है।'

क्या होता है ल्यूकोडर्मा
सफेद दाग (ल्यूकोडर्मा) एक त्वचा रोग है। इस रोग से ग्रसित लोगों के बदन पर अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग आकार के सफेद दाग आ जाते हैं। विश्व में एक से दो प्रतिशत लोग इस रोग से प्रभावित हैं, लेकिन भारत में इस रोग के शिकार लोगों का प्रतिशत चार से पांच है। राजस्थान और गुजरात के कुछ भागों में पांच से आठ प्रतिशत लोग इस रोग से ग्रस्त हैं। शरीर पर सफेद दाग आ जाने को लोग एक कलंक के रूप में देखने लगते हैं और कुछ लोग भ्रम-वश इसे कुष्ठ रोग मान बैठते हैं। इस रोग से प्रभावित लोग ज्यादातर हताशा में रहते हैं और उन्हें लगता है कि समाज ने उन्हें बहिष्कृत किया हुआ है।
लॉकडाउन के चलते गोवा में फंसी हुई हैं नफीसा अली
कोरोना वायरस के कारण भारत में 21 दिन का लॉकडाउन लगा हुआ है। इसी कारण से लोग घर पर रहने को मजबूर हैं। लॉकडाउन के चलते लोगों की निजी जिंदगी में भी परेशानी आ रही है। कुछ सेलेब्स भी परेशानी झेल रहे हैं। ऐक्ट्रस नफीसा अली ने लॉकडाउन के दौरान हो रही समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी थी। जिसके बाद गोवा प्रशासन उनकी मदद के लिए आगे आया। आईएएस कुणाल ने भी ट्वीट कर लिखा- Pernem/Mandrem इलाके के निरीक्षण के दौरान एक्ट्रेस नफीसा से मिला। उनकी चिंताओं को समझा। उन्हें जरुरत की चीजें मिल रही हैं। उनकी दवा की खुराक लिस्ट ली गई है और हम जल्द ही उन तक पहुंचा देंगे। हम सीनियर सिटीजन की देखभाल कर रहे हैं। वहीं नफीसा ने ट्वीट कर लिखा- 'मैं गोवा प्रशासन की आभारी हूं, जो मुझे चेक करने और मेरी परेशानी कैसे मोर्जिम में खाने की समस्या को हल किया जा सके इस पर चर्चा करने के लिए आए। वो पंजिम में भी मेरी दवा खोजने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने उनसे अनुरोध किया कि जो लोग सामान लाकर लोगों को दे रहे हैं, पुलिस उन्हें न मारे।'

जानिए नफीसा अली के बारे में
नफीसा अली का जन्म 18 जनवरी 1957 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। नफीसा के पिता अहमद अली, बंगाली मुसलमान है, जबकि उनकी माता फिलोमना एक रोमन कैथोलिक हैं। नफीसा के दादा एस वाजिद अली बंगाली के प्रसिद्ध लेखकों में से एक हैं। तो वहीं नफीसा की बुआ जैब-उन-निशा-हमीदुल्लाह एक पाकिस्तानी जर्नलिस्ट हैं। नफीसा की पढाई लामार्टिनियर कलकत्ता से हुई है। इसके अलावा उन्होंने स्वामी चिन्मययानंद द्वारा सिखाए गए वेदांत का भी अध्ययन किया है, जिन्होंने विश्व समझौता केंद्र चिन्मय मिशन शुरू किया था। नफीसा के पति प्रसिद्ध पोलो खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता, सेवानिवृत्त कर्नल आरएस है। शादी के बाद नफीसा ने काम से थोड़ा ब्रेक लिया और बच्चो की परवरिश पर ध्यान देना उचित समझा। नफीसा दो बेटी और एक बेटे की मां हैं। नफीसा अली ने कई क्षेत्रों में उपलब्धियां प्राप्त की हैं। वह 1972-19 74 से राष्ट्रीय तैराकी चैंपियन थीं, 1976 में उन्होंने मिस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और उन्हें दूसरे धावक घोषित किया गया। अली कलकत्ता जिमखाना में जॉकी भी रह चुकी हैं। नफीसा अली ने कई बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय किया है, शशि कपूर के साथ जूनून (1 9 7 9), अमिताभ बच्चन (1 99 8) के साथ मेजर साब, बेवाफा (2005), लाइफ इन ए ... मेट्रो (2007) और धर्मेंद्र के साथ यमला पगला दीवाना (2010) आदि। नफीसा हिंदी फिल्मो के अलावा मलयालम फिल्म बिगबी (2007) में ममुट्टी के साथ भी काम कर चुकी हैं। नफीसा अली ने दक्षिण कोलकाता से वर्ष 2004 में लोकसभ चुनाव लड़ी, जिसमे वह हार गयी, फिर बाद में 5 अप्रैल 2009 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त के अयोग्यता के बाद समाजवादी पार्टी टिकट पर लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ा। उसके बाद उन्होंने नवंबर 200 9 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में फिर से शामिल होकर समाजवादी पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए सोनिया गांधी से माफी मांगी।












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