मानहानि के केस में मेधा पाटेकर नहीं पहुंची कोर्ट, 10 हजार जुर्माना
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी समाजसेवी मेधा पाटेकर पर दिल्ली की एक अदालत ने 10 हजार रुपया जुर्माना लगाया है।
नई दिल्ली। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी समाजसेवी मेधा पाटकर पर दिल्ली की एक अदालत ने 10 हजार रुपया जुर्माना लगाया है। अदालत ने ऐसा मेधा पाटकर और खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष वीके सक्सेना की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान बार बार कोर्ट से अनुपस्थित रहने पर लगाया है।

जज विक्रांत वैद्य ने मेधा पाटकर को चेतावनी देते हुए आखिरी मौका दिया और कहा कि अगर वो अगर वो अगली सुनवाई पर भी अनपस्थित रहती हैं तो उनकी शिकायत को खारिज कर दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले 29 मई को मेधा पाटकर के खिलाफ जारी हुए गैर जमानती वारंट को 26 जुन को हुई सुनवाई में रद्द करते हुए कोर्ट ने उन्हें अगली पर कोर्ट में पेशी को लेकर सावधान रहने को कहा था। कोर्ट इससे पहले जनवरी, 2015 में भी मेधा पाटकर पर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर 3000 का जुर्माना लगा चुका है।
बता दें कि मेधा पाटेकर और वीके सक्सेना सन 2000 में मेधा पाटकर ने वीके सक्सेना पर एक उनके खिलाफ विज्ञापन जारी करने के मामले में मानहानि का केस दर्ज किया था।












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