भारत का सबसे दर्दनाक हादसा, जब देखते ही देखते समुद्र में समा गई थी यात्रियों से भरी ट्रेन
1962 में तमिलनाडु में एक ट्रेन समुद्र में समा गई थी। वो पंबन ब्रिज पर थी, तभी ये हादसा हुआ।

ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम बड़ा ट्रेन हादसा हुआ, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 900 से ज्यादा यात्री घायल हुए। इस हादसे ने 1964 के उस ट्रेन दुर्घटना की याद ताजा कर दी, जिसमें पूरी की पूरी ट्रेन ही समुद्र में समा गई थी।
भारत के इतिहास में 22 दिसंबर 1964 का दिन सबसे बुरे दिनों में से एक है। उस दिन तमिलनाडु के रामेश्वरम के पास धनुषकोडी रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों की तरह यात्री आ जा रहे थे। शाम को तूफान की चेतावनी दी गई थी। वैसे समुद्र के आसपास वाले इलाके में तूफान तो आमबात माने जाते हैं, लेकिन किसी को पता नहीं था कि ये तूफान इतनी ज्यादा तबाही मचा देगा कि उसके बारे में जानकर लोगों की रूह कांप जाएगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक 21 दिसंबर से तूफान शुरू हुआ था, जिसने 22 तारीख को रौद्र रूप ले लिया। वो तेजी से धनुषकोडी की ओर बढ़ रहा था, जब वो तट से टकराया, तो हवा की रफ्तार 280 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी।
उस दिन ट्रेन नंबर 653 पंबन स्टेशन से धनुषकोडी के लिए जा रही थी। रात का वक्त था। तूफान की वजह से सिग्नल सारे खराब हो गए थे। ट्रेन स्टेशन से आगे बढ़कर रुक गई। काफी देर इंतजार करने के बाद ड्राइवर ने ट्रेन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। उस वक्त तूफान अपने चरम पर पहुंच गया था।
6 डिब्बों वाली ट्रेन को ड्राइवर सावधानी से धीरे-धीरे आगे बढ़ा रहा था। वो पंबन ब्रिज पर पहुंची ही थी, तभी एक तेज लहर आई और पिछले डिब्बे से जा टकराई। जिससे पिछला डिब्बा समुद्र की ओर लटक गया। कुछ देर बाद में ही पूरी ट्रेन समुद्र में समा गई।
आधिकारिक डेटा के मुताबिक ट्रेन में 110 यात्री और 5 रेलवे कर्मचारी थे, जिनकी मौत हो गई, लेकिन इस बारे में स्थानीय लोगों का कुछ और ही कहना है। उनके मुताबिक लोकल यात्री बिना टिकट के यात्रा करते थे। रेलवे ने मौत का आंकड़ा टिकट बिक्री के आधार पर बताया था, लेकिन उस वक्त ट्रेन में काफी ज्यादा लोग सवार थे।
स्टेशन हुआ तबाह
वहीं दूसरी ओर धनुषकोडी स्टेशन पूरी तरह से तबाह हो गया। वहां के आसपास के इलाकों में 1000 से ज्यादा लोगों की जान गई, जबकि तमिलनाडु में 2000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।












Click it and Unblock the Notifications