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Delhi Election Results 2020: AAP छोड़कर कांग्रेस में आईं अलका लांबा की हुई जमानत जब्त,जानिए हारने पर क्या कहा?

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से सत्ताधारी पार्टी 'आप' की वापसी हुई है, अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा को मात्र 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा है और इस बार भी उसका 27 साल का सूखा दिल्ली में खत्म नहीं हुआ है, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है, साल 2015 में भी उसे एक सीट नहीं मिली थी और इस बार भी उसे शून्य का मुंह देखना पड़ा है।

अलका लांबा की जमानत तक जब्त हो गई

अलका लांबा की जमानत तक जब्त हो गई

सबसे चौंकाने वाला नतीजा तो दिल्ली की चांदनी चौक सीट का रहा जहां पर चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुईं अलका लांबा को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है, उन्हें तो मात्र 3881 वोट मिले हैं, उनकी तो जमानत तक जब्त हो गई, हालांकि चुनावी नतीजे घोषित होने से पहले ही अलका ने हार स्वीकार कर ली थी।

यह पढ़ें: Delhi Election Results 2020: जीरो सीट पाने वाली कांग्रेस आखिर AAP के जीतने पर इतनी खुश क्यों है?

' मैं परिणाम स्वीकार करती हूं, पर हार नहीं'

अलका लांबा ने Twitter पर लिखा कि मैं परिणाम स्वीकार करती हूं, पर हार नहीं, हिन्दू-मुस्लिम वोटों का पूरी तरह से ध्रुवीकरण किया गया। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी को अब नए चेहरों के साथ एक नई लड़ाई और दिल्ली की जनता के लिए एक लंबे संघर्ष के लिए तैयार होना पड़ेगा, अलका ने आगे लिखा कि आज लड़ेंगे तो कल जीतेंगे भी।

यह पढ़ें: Delhi Election Results 2020: पर्दे के पीछे रहे इन 6 लोगों ने तय की AAP की जीत, नाम सुनकर चौंक जाएंगे आप

इस बार भी आप जीती लेकिन अलका हारीं

इस बार भी आप जीती लेकिन अलका हारीं

मालूम हो कि पिछले चुनाव में अलका लांबा आम आदमी पार्टी के टिकट पर 18287 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थीं लेकिन इस बार इतनी बुरी हार हुई कि वे ऊपरी पायदान पर भी नहीं चढ़ सकीं, वो चुनावी मैदान में बीजेपी और आप के प्रत्याशी के आगे दूर-दूर तक नहीं दिखीं, मालूम हो कि इस बार भी ये सीट आप के नाम रही, यहां से प्रहलाद सिंह साहनी ने जीत दर्ज की है।

थप्पड़ कांड की वजह से थीं चर्चा में

थप्पड़ कांड की वजह से थीं चर्चा में

गौरतलब है कि अपने विवादित भाषणों की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाली अलका लांबा इस बार थप्पड़ कांड की वजह से भी काफी चर्चित थीं, दरअसल मतदान वाले दिन ( 8 फरवरी) को मजनूं का टीला स्थित पोलिंग बूथ पर कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता के बीच झड़प हो गई थी, मतदाता केंद्र पर पोलिंग एजेंट के रूप में AAP कार्यकर्ता वहीं मौजूद थे, पोलिंग बूथ के बाहर खड़ीं अलका लांबा किसी से बात कर रही थीं, तभी एक शख्स उनसे बार-बार यह पूछ रहा था कि '22 साल का लड़का किसका है, यह तो बता दो एक बार', इस पर गुस्से में आकर चांदनी चौक से कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा ने थप्पड़ मारने का प्रयास किया, हालांकि शख्स के पीछे हट जाने से थप्पड़ नहीं पड़ा,इसके बाद माहौल बिगड़ गया और पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा था।

'हम हार स्वीकार करते हैं, हमें जनादेश नहीं मिला'

'हम हार स्वीकार करते हैं, हमें जनादेश नहीं मिला'

तो वहीं कांग्रेस की हार पर पार्टी प्रवक्ता रणदीव सुरजेवाला ने कहा, 'हम हार स्वीकार करते हैं, हमें जनादेश नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं में निराशा नहीं, नवनिर्माण का संकल्प है. हम दिल्ली के लिए काम करते रहेंगे।'

 'उम्मीद है कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली विकास करेगी'

'उम्मीद है कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली विकास करेगी'

तो वहीं BJP ईस्ट दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा, 'हम नतीजे स्वीकार करते हैं और अरविंद केजरीवाल व दिल्ली की जनता को बधाई देते हैं. हमने अपना बेस्ट दिया, लगता है कि हम दिल्ली की जनता को समझा नहीं पाए. मुझे उम्मीद है कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली विकास करेगी। '

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English summary
Accepting defeat, Alka Lamba says Hindu-Muslim votes were 'polarised'.
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