अब पंजाब सरकार के 'कृषि कानून' पर घमासान, विरोध में विधानसभा में ही सोए AAP विधायक

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर जहां हरियाणा और पंजाब में किसान सड़कों पर हैं, तो वहीं पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार भी अब विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर जहां हरियाणा और पंजाब में किसान सड़कों पर हैं, तो वहीं पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार भी अब विपक्ष के निशाने पर आ गई है। दरअसल कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल में ऐलान किया था कि वो केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ राज्य विधानसभा में एक ऐसा विधेयक लेकर आएंगे, जिससे किसानों के हित प्रभावित ना हों। अब पंजाब में विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि राज्य सरकार के प्रस्तावित विधेयक का ड्राफ्ट पहले उन्हें दिखाया जाए। राज्य सरकार की तरफ से ड्राफ्ट की कॉपी साझा ना किए जाने के विरोध में सोमवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में ही सोकर रात गुजारी।

आज सदन में पेश होगा पंजाब सरकार का कृषि विधेयक

आज सदन में पेश होगा पंजाब सरकार का कृषि विधेयक

आपको बता दें कि पंजाब सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है और आज नए कृषि विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह का कहना है कि वो यथासंभव राज्य के कानूनों के जरिए, केंद्र के कृषि कानूनों से अपने प्रदेश के किसानों को प्रभावित होने से बचाएंगे। इसपर सोमवार को शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने मांग की, कि नए प्रस्तावित विधेयक का ड्राफ्ट पहले विपक्ष के साथ साझा किया जाए और उसके बाद ही सरकार इसे विधानसभा में पेश करे। अपनी मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी के कई विधायक विधानसभा में ही धरने पर बैठ गए और इसके बाद वहीं सोकर रात गुजारी।

बिना ड्राफ्ट देखे हम कैसे चर्चा करेंगे'

बिना ड्राफ्ट देखे हम कैसे चर्चा करेंगे'

आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल चीमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ राज्य सरकार जो भी विधेयक लेकर आएगी, हम उसका समर्थन करेंगे, लेकिन सरकार को सबसे पहले उस विधेयक के ड्राफ्ट की कॉपी विपक्ष के साथ साझा करनी चाहिए। हमें सरकार के बाकी विधेयकों की भी कॉपी नहीं मिली हैं। ऐसी स्थिति में हमारे विधायक सदन के अंदर महत्वपूर्ण विषयों पर कैसे चर्चा करेंगे?' वहीं शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि पंजाब सरकार को सोमवार को ही सदन में प्रस्तावित विधेयक को पेश करना चाहिए था।

संघीय ढांचे पर एक क्रूर हमला हैं केंद्र के कृषि कानून- सिद्धू

संघीय ढांचे पर एक क्रूर हमला हैं केंद्र के कृषि कानून- सिद्धू

सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। राज्य कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू पहली बार विधानसभा पहुंचे। नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि केंद्र सरकार के कृषि कानून देश के संघीय ढांचे पर एक क्रूर हमला हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद पर पक्का भरोसा दे। सिद्धू ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि वो किसानों की आय दोगुनी करेगी और दूसरी तरफ उनकी एकमात्र सुनिश्चित आय को भी छीनना चाहती है।

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