केजरीवाल के पूर्व सहयोगी बोले, AAP ने लीडर नहीं डीलर को राज्यसभा के लिए चुना
आज समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या कहूं? हैरान हूं, स्तब्ध हूं, शर्मसार भी
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने अपने तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को AAP की तरफ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने पर अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों ने जोरदार हमला किया है। AAP के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि AAP ने लीडर नहीं डीलर को राज्यसभा भेजने के लिए चुना है। वहीं योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा है कि वह शर्मिंदा हैं। कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर पैसे वालों को टिकट देने का आरोप लगाया है।

पतन की तरफ AAP
पूर्व में अरविंद केजरीवाल के साथी रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी इसे आम आदमी पार्टी का पतन करार दिया है। वहीं कपिल मिश्रा ने कहा कि अब जाहिर हो गया है कि राज्यसभा कैसे जाते हैं। योगेंद्र यादव ने कहा कि जब कपिल मिश्रा केजरीवाल पर बिकने का आरोप लगाते थे तो उन्हें यकीन नहीं होता था लेकिन आज वह स्तब्ध और शर्मसार हैं।

'स्तब्ध और शर्मसार हूं'
योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा कि केजरीवाल में चाहे जो भी दोष हों लेकिन कोई उन्हें खरीद नहीं सकता। उन्होंने ट्वीट किया, 'पिछले 3 साल में मैंने न जाने कितने लोगों को कहा कि अरविंद केजरीवाल में और जो भी दोष हों, कोई उसे खरीद नहीं सकता। इसीलिए कपिल मिश्रा के आरोप को मैंने खारिज किया। आज समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या कहूं? हैरान हूं, स्तब्ध हूं, शर्मसार भी।'

उम्मीदवारों की योग्यता पर सवाल
सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए गए लोगों की योग्यता पर ही सवाल किया है। भूषण ने ट्वीट किया कि AAP ने जिन लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनकी लोकसेवा के क्षेत्र में कोई विशिष्ट पहचान नहीं है और न ही वे किसी भी क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, जिन्हें राज्यसभा भेजा जाए। भूषण ने आगे लिखा कि वॉलनटिअर्स की आवाज को नजरअंदाज करना यह दिखाता है कि पार्टी का अब पूरी तरह से पतन हो चुका है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने अपने तीन सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया है जिन्हें वह राज्यसभा में भेजना चाहती है, इन तीन नामों में पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, सुशील गुप्ता और नारायण दास का नाम भी शामिल है। इन तीनों नेताओं के नाम पर मुहर लगने के बाद ही तमाम नेताओं के नाम पर चल रहे कयास खत्म हो गए है।












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