जैकपॉट! GSI ने खोजा सोने का खजाना, ओडिशा में मिली 9 जगहों पर मिली विशाल खदानें
ओडिशा के जिन तीन जिलों में सोना मिला है। उनमें क्षेत्रों में डिमिरिमुंडा, कुशाकला, गोटीपुर, गोपुर, जोशीपुर, सुरियागुडा, रुआंसिला, धुशूरा पहाड़ी और अदास शामिल हैं।

जम्मू कश्मीर में लीथियम के भंडार मिलने के बाद अब सोने की खाने मिली हैं। देश को सोने की 9 जगहों पर विशाल खदानें मिली है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के सर्वे ओडिशा के तीन जिलों में सोने के भंडार पाए गए हैं। राज्य के इस्पात और खान मंत्री प्रफुल्ल मल्लिक ने कहा कि देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज में सोने के भंडार पाए गए हैं।

3 जिलों में मिली 9 खदानें
ढेंकानाल विधायक सुधीर कुमार सामल के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा, खान निदेशालय और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के सर्वेक्षणों से देवगढ़, क्योंझर और मयूरभंज सहित तीन जिलों में सोने के भंडार की उपस्थिति का पता चलता है। ये सोने के भंडार क्योंझर जिले में चार स्थानों पर, मयूरभंज जिले में चार स्थानों पर और देवगढ़ जिले में एक स्थान पर पाए गए हैं।

इन जगहों पर मिली खानें
ओडिशा के जिन तीन जिलों में सोना मिला है। उनमें क्षेत्रों में डिमिरिमुंडा, कुशाकला, गोटीपुर, गोपुर, जोशीपुर, सुरियागुडा, रुआंसिला, धुशूरा पहाड़ी और अदास शामिल हैं। क्षेत्र में पहला सर्वेक्षण 1970 और 1980 के दशक में किया गया था, लेकिन सर्वेक्षण के निष्कर्ष प्रकाशित नहीं किए गए थे। जीएसआई द्वारा पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र का एक नया सर्वेक्षण किया गया था। जीएसआई ने कैलावेराइट, सिल्वेनाइट और पेगमेटाइट के खनिज रूप में सोने का पता लगाया है।

भारत में बढ़ेगा सोने का उत्पादन
फिलहाल भारत में सोने की तीन खदानें हैं। इसमें से दो कर्नाटक में (हुट्टी और उटी खदानें) और एक झारखंड में (हीराबुद्दीनी खदानें) हैं। भारत हर साल करीब 1.6 टन सोने का उत्पादन करता है, जबकि इसकी तुलना में देश का सालाना सोने की खपत 774 टन का है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने पिछले साल एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत खनन बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ नियामक सुधारों के माध्यम से दीर्घावधि में अपने सोने के उत्पादन को 20 टन तक बढ़ा सकता है।

इससे पहले जम्मू कश्मीर में मिला था लिथियम
इससे पहले जीएसआई ने जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में लिथियम धातु की उपस्थिति का पता लगाया था। इसकी क्षमता 59 लाख टन है। इसे 'व्हाइट गोल्ड' भी कहा जाता है। भारत में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में लिथियम मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लिथियम भंडार हो सकता है। फिलहाल भारत 96 प्रतिशत लिथियम का आयात चीन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चिली, चीन, अर्जेंटीना और बोलीविया से करता है। लिथियम बैटरी बनाने में उपयोग किया जाता है।












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