7th Pay Commission: न्यूनतम वेतन वृद्धि पर होने वाली बैठक टली, गुस्साए कर्मचारियों ने दी धरने की धमकी
सातवें वेतन आयोग की शिकायतों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विसंगति समिति यानी एनएसी का गठन किया गया। ये कमेटी कर्मचारियों की बातों को आयोग तक पहुंचाती है और उनकी शिकायतों और सिफारिशों को सरकार तक रखती है।

नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग की शिकायतों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विसंगति समिति यानी एनएसी का गठन किया गया। ये कमेटी कर्मचारियों की बातों को आयोग तक पहुंचाती है और उनकी शिकायतों और सिफारिशों को सरकार तक रखती है। अब एनएसी की बैठक की तारीख टल गई है। एनएससी की बैठक अब दिसंबर में होगी। जो बैठक अक्टूबर में तय थी, चुनावों की वजह से उसकी तारीखों में लगातार बदलाव होते रहे और अब इस बैठक को दिसंबर में करने की बात की जा रही है। अब कहा जा रहा है वेतन बढ़ोतरी और न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर ये बैठक दिसंबर में होगी।
इस फैसले से उन तमाम केंद्रीय कर्मचारियों को धक्का लगा है जो अपने वेतन बढ़ोतरी को लेकर इंतजार कर रहे हैं। इस बात से नाराज 10 केंद्रीय ट्रेंड यूनियन ने संसद के बाहर धरना दोने की बात कही है। इन ट्रेड यूनियन ने गुरुवार से लेकर शनिवार तक संसद भवन के बाहर धरना देने की बात कही है। वहीं केंद्रीय कर्मचारी सरकार के रवैये से निराश है। कर्मचारियों यूनियन का कहना है कि सरकार को उनकी 12 मांगों को तुरंत मानकर वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरा करना चाहिए। कर्मचारी यूनियंस की मानें तो वो न्यूनतम बेसिक सैलरी, सोशल सिक्योरिटी जैसी मांगों को मानने के लिए सरकार पर दवाब डाल रहे हैं।
लेकिन सरकार के रवैये से उन्हें निराशा हाथ लगी है। वहीं ट्रेड और कर्मचारी यूनियंस का कहना है कि ये धरना तो तीन दिनों का है, लेकिन अगर उनकी मांगों नहीं माना गया तो देशभर के केंद्रीय कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। देशभर में हड़ताल और बंद का आवाह्न किया जाएगा। इन यूनियंस ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी सरकार बताया है।












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