महाराष्ट्र: Unlock 2 के 5वें दिन भी कोरोना मरीजों की संख्या में उछाल, सामने आए 6555 नए केस
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के आंकड़े 2 लाख के पार पहुंच गए हैं जबकि राज्य में महामारी से 8 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। रविवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 6555 मामले सामने आए और 151 मौतें हुईं। इस बीच, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना वायरस के 1,311 नए मामले सामने आए, और 69 मौतें हुई हैं। राज्य में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है, महामारी के बढ़ते मरीजों की संख्या ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
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रविवार को महाराष्ट्र में आए कोरोना के 6,555 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कुल मरीजों की संख्या 2,06,619 हो गई है। इस बीच 151 मौतों के साथ कुल कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा 8,822 हो गया है। राज्य कोरोना वायरस सक्रिय मामलों की संख्या 86,040 है। वहीं, मुंबई में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम के मुताबिक मुंबई में आज कोरोना वायरस के 1,311 नए मामले सामने आए हैं और 69 मौतें हुई हैं। मुंबई में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 84,125 है, जिसमें 55,883 ठीक हो चुके मामले और 4,896 मौतें शामिल हैं।
बता दें कि पूरे देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों की बात करें तो भारत में अब तक कोरोना के कुल केस 6,73,165 हो गए हैं। इसमें से 244,814 ऐक्टिव केस हैं जबकि 4,09,083 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के 24,850 नए केस सामने आए हैं और 613 लोगों की मौत हुई है।
कोरोना के दो नए लक्षण आए सामने
बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों को कोरोना वायरस के दो नए लक्षणों का पता चला है। जिसमें मरीज को उल्टी और दस्त की समस्या हो रही है। ऐसे में साफ है कि कोरोना इंसान के फेफड़ों के अलावा पेट को भी अपना निशाना बना रहा है। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद के अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर नए लक्षणों से परेशान हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा दस्त होना, उल्टी और सिर दर्द कोरोना के नए लक्षण हैं। इससे मरीजों को ठीक होने में ज्यादा वक्त लग रहा है। उनके मुताबिक अब नए लक्षणों वाले मरीजों के उपचार को चरणबद्ध करने की जरूरत है। साथ ही ऐसे लक्षण वाले मरीजों की भी जांच करने की जरूरत है, ताकी कोरोना मरीजों को समय से इलाज मिल सके।
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