बीते एक साल में 63 यात्रियों को 'नो फ्लाई लिस्ट' में रखा गया, जानें क्या की उन्होंने गलतियां
पिछले एक साल में कुल 63 यात्रियों को 'नो फ्लाई लिस्ट' में रखा गया है। अस्थायी रूप से उड़ानों में चढ़ने से रोकने के लिए एक सरकारी पहल है।

पिछले कुछ समय से एयरलाइन्स सुखिर्यों में है। एयर इंडिया समेत कुछ अन्य एयरलाइन्स में यात्रियों और एयरलाइन्स द्वारा नियमों का उलंघन किया गया। जिसके बाद से नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) एक के बाद धड़ाधड़ कार्रवाई कर रहा है। वहीं अब पिछले एक साल में 63 यात्रियों को "नो फ्लाई लिस्ट" में रखा गया है, इसका खुलासा नागरिक उड्डयन मंत्रालय किया है। इसमे से अधिकांश यात्री या तो मास्क नहीं पहने हुए थे या फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को सपोर्ट नहीं कर रहे थे। याद रहे 'नो फ्लाई लिस्ट' यात्रियों की पहचान करने और उन्हें अस्थायी रूप से उड़ानों में चढ़ने से रोकने के लिए एक सरकारी पहल है।
यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री जनरल डॉ वीके सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया एयरलाइन की इंटनरनल समिति ने ये अनुशासित किया है, जो नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (सीएआर), धारा 3- वायु परिवहन, सीरीज एम के अनुसार गठित है। इनमें पिछले 01 वर्ष में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के संज्ञान में आए पेशाब करने की 02 (दो) घटनाएं शामिल हैं।
सीएआर के प्रावधान के अनुसार डीजीसीए द्वारा एक 'नो फ्लाई लिस्ट' बनाई जाती है जिसमें शामिल यात्री से संबंधित विशिष्ट जानकारी, पहचान दस्तावेजों के संपर्क विवरण, घटना की तिथि, सेक्टर, उड़ान संख्या, प्रतिबंध लगाने की अवधि आदि शामिल होती है। "नो फ्लाई लिस्ट" में रखे गए अधिकांश यात्री मास्क न पहनने या चालक दल के सदस्यों के निर्देशों का पालन नहीं करने से संबंधित उल्लंघन के इस नो फ्लाई लिस्ट में शामिल किए गए थे।
डीजीसीए द्वारा लागू विनियमों का पालन न करने के लिए की गई ये कार्रवाई
मैसर्स एयर इंडिया पर तीस लाख रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है।
(ii) तीन लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना केवल मैसर्स एयर इंडिया के निदेशक उड़ान सेवाओं पर लगाया गया है।
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(iii) पायलट इन कमांड का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित।
"नो फ्लाई लिस्ट' क्या है
गौरतलब है कि "नो फ्लाई लिस्ट' जिसे 'अनियंत्रित यात्रियों की नो-फ्लाई लिस्ट' के रूप में भी जाना जाता है, उन व्यक्तियों की सूची है जिन्हें भारतीय एयरलाइनों में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया है। यह सूची नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा 2017 में उड़ानों पर अनियंत्रित व्यवहार की बढ़ती घटनाओं के जवाब में बनाई गई थी। जिन यात्रियों को नो फ्लाई लिस्ट में शामिल किया गया है, उन्हें फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। अपील प्रक्रिया में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरलाइंस और यात्री संगठनों के प्रतिनिधियों से बनी एक समिति के साथ सुनवाई शामिल है। समिति यात्री और एयरलाइन द्वारा पेश किए सबूत पर विचार करती है और प्रतिबंध पर अंतिम निर्णय लेती है।












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