नेशनल हेल्थ मिशन में पिछड़े ये 6 राज्य, 20 फीसदी फंड में होगी कटौती

नई दिल्ली। देश में स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार ने तमाम कदम उठाए हैं, जिसमे तमाम प्रदेशों को स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए बड़ा फंड दिया जाता है। लेकिन बावजूद इसके देश के कई राज्य अपने प्रदेश की स्वस्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने में विफल रहे हैं। जिसकी वजह से इन प्रदेशों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले फंड का नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिन प्रदेशों ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम नहीं किया है, उसमे मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं। इन प्रदेशों के स्वास्थ्य इंडिकेटर बेहतर नहीं हैं, जिसकी वजह से इन प्रदेशों की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलने वाले फंड में कमी हो सकती है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग कंडीशनालिटी रिपोर्ट ऑफ स्टेट 2018-19 को रिलीज किया है। जिसमे आधार पर तमाम प्रदेशों को फंड दिया जाएगा। जिन प्रदेशों ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किया है, उन्हें अधिक फंड मिल सकता है, जबकि जिन प्रदेशों ने अच्छा नहीं किया है उनके फंड में कमी की जा सकती है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि हरियाणा, केरल, पंजाब, ,असम, दादर और नगर हवेली शीर्ष पांच पर हैं जिन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किया है।

इन तमाम प्रदेशों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का आंकलन कुछ अहम पैमानों पर किया गया है। जिसमे स्वास्थ्य सुधार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का आंकलन किया गया है। इसके अलावा जिलों में चलने वाले एनएचएम और 30 से अधिक उन बीमारियों की समीक्षा की गई है जोकि छूने से नहीं फैलती है। यह रिपोर्ट तमाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं के आधार पर तैयार की गई है। जिन प्रदेशों ने इन पैमनों पर बेहतर काम किया है उन्हें प्रोत्साहन के तहत अधिक फंड दिए जाएंगे।

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