कोरोना की चपेट में आ रहे हैं AIIMS के स्वास्थ्यकर्मी, 48 घंटों में डॉक्टर्स-नर्स सहित 50 हुए संक्रमित
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड 1024 नए मामले सामने आए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भी स्वास्थ्यकर्मी लगातार कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं। एम्स में अभी तक 195 स्वास्थ्यकर्मी वायरस से संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें डॉक्टर, नर्स, मेस वर्कर, लैब स्टाफ, तकनीशियन, सैनिटेशन स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड तक शामिल हैं।
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बीते 48 घंटों के भीतर ही 50 लोग कोविड-19 से पॉजिटिव पाए गए हैं। एम्स के सैनिटेशन चीफ जो कोरोना वायरस से संक्रमित मिले थे, उनकी तीन दिन पहले ही मौत हो गई है। इसके अलावा एक मेस वर्कर की भी बीते हफ्ते मौत हो गई। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार ऐसी स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों को केवल गल्वस और मास्क दिए गए हैं। उन्हें पीपीई किट नहीं मिली हैं।
नई दिल्ली एम्स, आरडीए, जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर श्रीनिवास राजकुमार टी ने कहा, 'वो वायरस नहीं है, जिसे लेकर हम चिंतित हैं। यह सरकार और एम्स प्रशासन की उदासीनता है जो हमें चिंतित करती है। अगर ये जारी रहा तो हमारे पास मरीजों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की कमी हो जाएगी। मार्च महीने से ही हम हॉस्टल परिसर की सुरक्षा, साफ-सफाई की कमी, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल की कमी और पर्याप्त टेस्टिंग के लिए लिख और लड़ रहे हैं।'
एक अन्य परेशानी ये भी है कि कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत से ही एम्स के स्वास्थ्यकर्मी अच्छी गुणवत्ता के एन95 मास्क और पीपीई किट के अन्य कम्पोनेंट की कमी का सामना कर रहे हैं। डॉक्टर श्रीनिवास ने कहा, 'एन95 मास्क केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मानक से भी मेल नहीं खाता तो आप अंतरराष्ट्रीय मानक को तो छोड़ ही दीजिए।' गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। वहीं राजधानी दिल्ली में भी अब तेजी से संक्रमित मामलों में इजाफा हो रहा है।












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