पांच वजहें जो भारत राफेल फाइटर जेट्स पर खर्च करेगा 58,000 करोड़ रुपए
नई दिल्ली। जिस डील का इंतजार भारत और इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) पिछले करीब छह वर्षों से कर रहे थे, वह आखिरकार सील हो गई। अब फ्रांस से भारत को 36 राफेल एडवांस्ड फाइटर जेट मिलेंगे।
पहले भारत ने फ्रांस के साथ 126 राफेल जेट की डील की थी। भारत इस डील के लिए 58,000 करोड़ रुपए खर्च करेगा।
इन 126 में से 18 को भारत उड़ने लायक हाल में खरीदना चाहता था और बाकी जेट्स को था और बाकी का निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के तहत किया जाना था।
अब भारत सिर्फ 36 राफेल लेगा और सारे जेट्स उड़ने लायक हालत में भारत को मिलेंगे।
फाइटर जेट के लिए यह डील भारत के लिए अब तक की सबसे बड़ी डील है। भारत ने आखिरी बार रूस के साथ सुखोई की डील की थी और उसके बाद से फाइटर जेट्स के लिए कोई भी डील भारत ने साइन नहीं की है।
आइए आपको बताते हैं कि इस डील में आखिर ऐसी क्या बात है जो भारत इतनी बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हो गया है।

एडवांस्ड मिसाइलों से लैस
राफेल एडवांस्ड वेपेंस के अल्ट्रा मॉर्डर्न पैकेज के साथ आता है। इसमें मेटोर मिसाइलें भी शामिल हैं। इन मिसाइलों को दुनिया की सबसे आधुनिक मिसाइलों में गिना जाता है।

न्यूक्लियर डिफेंस में कामयाब
राफेल एयर सिक्योरिटी, इंटरसेप्शन, ग्राउंड सपोर्ट, अंडरग्राउंड स्ट्राइक, मेजरमेंट, एंटी-शिप स्ट्राइक और न्यूक्लियर डिफेंस में सक्षम है।

हर मुश्किल मिशन में कारगर
राफेल एक ट्विन-जेट एयरक्राफ्ट है जो हर तरह के कॉम्बेट मिशन में कारगर साबित हुआ है और यह हर मुश्किल मिशन को अंजाम दे सकता है।

2022 से आसमान में राफेल
फ्रांस भारत को वर्ष 2019 में राफेल की पहली खेप देगा इस प्रक्रिया के पूरा होने में करीब छह वर्ष का समय लगेगा। वर्ष 2022 से राफेल देश के आसमानों पर उड़ान भरने लगेंगे।

पाक से एक कदम आगे हुआ भारत
राफेल से पहले भारत ने वर्ष 1996 में रूस के साथ सुखोई विमानों के लिए बड़ी डील की थी। यह डील इसलिए और अहम हो जाती है क्योंकि राफेल के आने के बाद से इंडियन एयरफोर्स, पाकिस्तान की एयरफोर्स से एक कदम आगे हो जाएगी। अमेरिका ने पिछले दिनों पाक को एफ-16 देने से मना कर दिया था और पाक की सेना फाइटर जेट की कमी से जूझ रही है।












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