बनासकांठा में पटाखा गोदाम में हुए ब्लॉस्ट में मरने वालों की संख्या पहुंची 21, पांच बच्चे भी है शामिल
गुजरात के बनासकांठा जिले में मंगलवार को हुए एक विनाशकारी विस्फोट में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। यह विस्फोट सुबह लगभग 9:45 बजे देसा शहर के पास एक गोदाम में हुआ, जहाँ कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे जमा किए गए थे और बनाए जा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में छह अन्य लोग भी घायल हो गए हैं।

जिला कलेक्टर मिहिर पटेल ने पुष्टि की कि मृतक मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिलों के थे। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इससे शव के अंग 300 मीटर दूर तक बिखर गए और संरचना की आरसीसी स्लैब ढह गई, जिसके कारण मौके पर रहने वाले श्रमिकों के परिवारों में मौतें हुईं।
पीड़ितों में पाँच बच्चे शामिल थे, जिनकी उम्र तीन से 12 साल के बीच थी, जिनकी पहचान अभिषेक (3), किरण (5), रुकमा (6), राधा (10) और कृष्णा (12) के रूप में हुई। पांच महिलाओं की भी मौत हो गई, जिनमें श्रम ठेकेदार लक्ष्मी नायक (50) और नायक परिवार के अन्य लोग शामिल हैं। नैना नाम की एक तीन साल की बच्ची घायलों में शामिल है।
गुजरात के मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया कि बचाव कार्यों के लिए सात दमकल दल, आठ एम्बुलेंस, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम और चार बुलडोजर लगाए गए थे। पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने बताया कि फोरेंसिक टीम विस्फोट के कारण की जांच कर रही है।
दीपक ट्रेडर्स के दीपक मोहनी और खुबचंद मोहनी के स्वामित्व वाला गोदाम कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे रख रहा था। एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, और एक उप-एसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित किया गया है। कुछ व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
लाइसेंस के मुद्दे और सरकार की प्रतिक्रिया
देसा उप-विभागीय मजिस्ट्रेट नेहा पंचाल ने बताया कि गोदाम का पटाखे रखने का लाइसेंस 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो गया था। अपर्याप्त सुविधाओं के कारण नवीनीकरण प्रक्रिया रोक दी गई थी। पंचाल ने जोर देकर कहा कि लाइसेंस केवल भंडारण के लिए था, निर्माण के लिए नहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी मृतकों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने अपने राज्य के श्रमिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 2 लाख रुपये और घायल श्रमिकों के लिए 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बनासकांठा में प्रयासों का समन्वय कर रही है।
विपक्षी दलों ने कथित लापरवाही के लिए गुजरात में भाजपा सरकार की आलोचना की। कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की मांग की और गहन जांच की मांग की। AAP के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने प्रशासन द्वारा अवैध कारखानों की निगरानी में विफलता की निंदा की।












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