फिल्मों में महिलाओं के साथ बढ़ती हिंसा के खिलाफ 3 महिला पुलिस अधिकारियों ने की खास अपील
तमिलनाडु के कोयंबटूर की डीसीपी एस. लक्ष्मी (लॉ एंड ऑर्डर), एसपी राम्या भारती (कोयंबटूर) और तिरूपुर शहर की डीसीपी दिशा मित्तल (लॉ एंड ऑर्डर) ने वीडियो के जरिए फिल्मकारों से खास अपील जारी की है।
नई दिल्ली। भारतीय फिल्मों में बढ़ती हिंसा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का मुद्दा अकसर समाज में उठता रहा है। कई बार ऐसी बातें सामने आई जिसमें कहा गया कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध में कहीं न कहीं इस तरह की फिल्में खास रोल निभाती हैं। एक बार फिर से ये मुद्दा उठा है, इस बार तमिलनाडु की तीन महिला पुलिस अधिकारियों ने इस मुद्दे को उठाया है। इन महिला आईपीएस अधिकारियों ने वीडियो के जरिए भारतीय फिल्मकारों से फिल्मों में हिंसात्मक दृश्य से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार को स्क्रीन पर नहीं दिखाएं।

फिल्मों में महिलाओं के साथ हिंसात्मक दृश्य को लेकर खास अपील
तमिलनाडु के कोयंबटूर की डीसीपी एस. लक्ष्मी (लॉ एंड ऑर्डर), एसपी राम्या भारती (कोयंबटूर) और तिरूपुर शहर की डीसीपी दिशा मित्तल (लॉ एंड ऑर्डर) ने वीडियो के जरिए फिल्मकारों से खास अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से बचकर महिलाओं की स्थिति में सुधार किया जा सकता है। जिस तरह से फिल्म में महिलाओं को लेकर हिंसात्मक दृश्य दिखाए जाते हैं इसका लोगों पर असर होता है। फिर सामान्य जीवन में भी महिलाओं को ऐसी घटनाओं से गुजरना पड़ जाता है। ऐसी स्थिति सामने नहीं आए इसके लिए जरूरी है कि फिल्मों में ऐसे दृश्यों से बचा जाए। अधिकारियों ने फिल्म के एक्टर्स को भी इस मामले में समझाने की कोशिश की है।
कोयंबटूर की डीसीपी एस. लक्ष्मी (लॉ एंड ऑर्डर) ने कहा, हमारे देश में महिलाओं का खास सम्मान है। यही वजह है कि इसे भारत माता कहकर बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में महिलाओं के खिलाफ हिंसात्मक दृश्य दिखाए जाते हैं ये ठीक नहीं है। महिला विरोधी दृश्यों से महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। लोग फिल्म देखकर वैसा ही करने की कोशिश करते हैं। फिल्म बेहद सशक्त माध्यम है ऐसे में इसका बेहद गंभीरता से इस्तेमाल होना चाहिए। जिससे लोगों में अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि जो भी गाने या डायलॉग लिखते हैं उन्हें पहले अपनी बहन और मां के बारे में सोचना चाहिए। उनके बारे में सोचकर ही शब्दों का चयन होना चाहिए।
वहीं डीसीपी दिशा मित्तल ने कहा कि फिल्मों के साथ-साथ टीवी पर आने वाले कार्यक्रम, विज्ञापन, गाने सभी हम पर काफी असर डालते हैं। ऐसे में इनका सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। एसपी राम्या भारती ने कहा कि फिल्म के डायलॉग, गाने सभी का अपना असर होता है। लोगों में कहीं इनका गलत असर नहीं जाए इससे बचने के लिए जरूरी है कि फिल्मकार इसको लेकर गंभीर बने। इसमें सुधार के जरिए महिलाओं के खिलाफ हिंसा को कम किया जा सकता है। सुनिए क्या कहा महिला पुलिस अधिकारियों ने...
#WATCH In a video, 3 women IPS officers say that a major reason for the increase in violence against women is misogynistic cinema pic.twitter.com/denHzJlsxw
— TIMES NOW (@TimesNow) May 4, 2017












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