2002 Gujarat Riots : Amit Shah बोले, 'मोदी ने भगवान शंकर की तरह पीया जहर, 19 साल सहे गलत आरोप'
2002 Gujarat Riots पर गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने 19 साल चुप रह कर गलत आरोप सहे। मोदी ने भगवान शंकर की तरह जहर पीया है।
नई दिल्ली, 25 जून : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2002 के गुजरात दंगों (2002 Gujarat Riots) पर बयान दिया है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान शिव जैसा बताते हुए शाह ने कहा, सच्चाई सामने आ गई है। सत्य सोने की तरह चमक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 19 वर्षों में बिना एक शब्द बोले तमाम दर्द सहे। बकौल शाह, मोदी ने भगवान शिव का अनुसरण किया, जिन्होंने जहर निगल लिया और इसे अपने गले में रखा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े केस में एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।

राजनीतिक आरोप लगाने वाले माफी मांगें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की है। बता दें कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य लोगों को एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दी। शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 2002 के दंगों के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ "राजनीति से प्रेरित" आरोप लगाने वाले लोगों को माफी मांगनी चाहिए।
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19 साल की लड़ाई, शंकर की तरह सहा दर्द
अमित शाह ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने नरेंद्र मोदी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। देश की शीर्ष अदालत ने कहा है कि आरोप क्यों लगाए गए ? ऐसे में आप एक तरह से कह सकते हैं कि आरोप राजनीति से प्रेरित थे। यह भी साबित हुआ है। शाह ने कहा, यह 19 साल की लड़ाई थी, इतने बड़े नेता ने बिना एक शब्द कहे, भगवान शिव की तरह दर्द सहा और जहर पी लिया।

सच्चाई में सोने जैसी चमक, खुशी स्वाभाविक
गुजरात में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उनके साथ काम करने वाले गृह मंत्री शाह ने कहा, मोदी लड़ते रहे (सभी दुखों को भगवान शंकर के विश्वास की तरह गले में उतारकर सहन करकर लड़ते रहे)। अब अंत में जब सोने की तरह चमकते हुए सच्चाई सामने आई है, तो खुशी (आनंद ही होगा) महसूस होना स्वाभाविक है।

नरेंद्र मोदी मजबूत दिल वाले, दर्द सहे लेकिन..
बकौल अमित शाह, उन्होंने नरेंद्र मोदी को इस दर्द को सहते हुए, सच्चाई के पक्ष में होने के बावजूद आरोपों का सामना करते हुए देखा है। न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी इसलिए उन्होंने बात नहीं की। केवल एक मजबूत दिल वाला व्यक्ति ही ऐसा कर सकता है।

इसलिए 19 साल चुप रहे मोदी
शाह ने एएनआई से कहा, आज हम जो इंटरव्यू कर रहे हैं, वे 2003 में गुजरात के गृह मंत्री के रूप में और बाद में पार्टी प्रमुख के रूप में भी कर सकते थे, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक मोदी ने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे कोई प्रभाव पड़े। उन्होंने और कई अन्य लोगों ने 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े आरोप और सब कुछ चुपचाप सहे।












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