2017 में जारी हो सकता है 200 का नोट, SBI रिपोर्ट में छिपे हैं खास संकेत
जल्द ही 200 रुपए के नए नोट आएंग बाजार में खत्म होगी छोटे नोट की समस्या। एसबीआई ने शुरू किया एटीएम को कैलिब्रेट करना
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोट पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था। जिसके बाद सरकार ने 500 और 2000 रुपए के नए नोट को बाजार में उतारा था। लेकिन जानकारी के मुताबिक अब केंद्र सरकार एक बार फिर से 2000 रुपए के नोटों को भी बाजार से बाहर करने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार कुछ अहम कदम उठा रही है।

जल्द आएगा 200 रुपए का नोट
दरअसल 8 नवंबर को जब 500 और 2000 रुपए के नोट को बंद किया गया था तो लोगों को खुले पैसों को लेकर काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा था। इसी मुसीबत से निपटने के लिए सरकार 50, 100 और 500 रुपए के नोटों को अधिक संख्या में लोगों के बीच पहुंचाना चाहती है। यही नहीं सरकार इसी कड़ी में 200 रुपए के नए नोट भी बाजार में उतारने की योजना बना रही है। सूत्रों की मानें तो सरकार 200 रुपए सहित छोटे नोटों को अधिक इस्तेमाल में लाना चाहती है।

एसबीआई ने शुरू किया एटीएम को कैलिब्रेट करना
सूत्रों की मानें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी एटीएम मशीनों को फिर से कैलिब्रेट करना शुरू कर दिया है ताकि उसमें अधिक से अधिक 500 रुपए के नोट को डाला जा सके। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ईकोव्रैप रिपोर्ट के अनुसार ये अनुमान लगाया गया है कि 200 रूपये के नए नोट 100, 500, और 2000 रुपए के नोटों के बीच के अंतर को कम करने का काम करेंगे।

23.19 फीसदी नोट एटीएम में
हालांकि नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक अब तक नोटबंदी से पूर्व चल रहे नोटों के मुकाबले 84 फीसदी नोट छाप चुका है। इसके अलावा इस रिपोर्ट की मानें तो बीते कुछ दिनों में पिछले साल नवंबर के मुकाबले बैंको के पास कुल जमा कैश में कमी देखने को मिली है। 23 जून 2017 के आंकड़ों के अनुसार बैंको के पास जमा राशि, कुल करेंसी सर्क्युलेशन का मात्र 5.4 फीसदी ही रह गई है। जबकि 25 नवंबर 2016 को यह संख्या 23.19 फीसदी तक थी।

एटीएम मशीनों में छोटे नोट की कमी
इस बात से यह पता चलता है कि एक बड़ी मात्रा में राशी एटीएम मशीनों में रखी हुई है। जिसको अब तक उपयोग में नहीं लाया गया है। इस वजह से 200 रूपए के नोट को लाया जा रहा है ताकि वह बाकी नोटों के बीच के असंतुलन को काबू में ला सके। एक बात यह भी गौर करने वाली है कि एटीएम मशीनों में नोटों को रखने की एक सीमा होती है और अगर उसमें सिर्फ 100 रुपए के नोट ही रखे हों तो एटीएम मशीन के रखरखाव का खर्चा काफी बढ़ जाता है।

नोटबंदी से लगा था अर्थव्यवस्था को झटका
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद भारत कि अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था और अब तक उससे निकलने के लिए विभिन्न रास्ते खोजे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार नोटबंदी के बाद खड़ी हुई तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए यह एक विशेष कदम उठा रही है। बहरहाल देखने वाली बात यह होगी का कब सरकार 200 रुपए के नए नोट लेकर बाजार में आती है।












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