17 साल की लड़की, 12 साल का बच्चा और एक नवजात, क्यों उलझन में है पुलिस ? जानिए
तंजावुर (तमिलनाडु) 22 अप्रैल: तमिलनाडु पुलिस के सामने इन दिनों एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हुई है। एक नाबालिग लड़की एक बच्ची की मां बनी है। लेकिन, जिसपर उसे गर्भवती करने का आरोप लगा है, वह खुद भी मासूम है और उसकी सिर्फ 12 साल उम्र है। लेकिन, कानूनी प्रावधानों के चलते पुलिस ने उस बच्चे को बाल सुधार गृह में भेज दिया है। पुलिस लड़की के बयान के भरोसे जांच तो कर रही है, लेकिन खुद इसपर यकीन करने को लेकर उलझी भी हुई है। अदालत ने भी पुलिस को अपना उलझन दूर करने के लिए इस केस की तहकीकात बहुत ही संजीदगी से करने का आदेश दिया है।

17 साल की लड़की मां बनी
तमिलनाडु पुलिस के सामने एक बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी हुई है। 17 साल की एक लड़की को पेट दर्द की शिकायत के बाद जब उसके माता-पिता ने तंजावुर के राजा मिरासुदार सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया तो डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि यह तो 9 महीने की गर्भवती है। यह घटना इसी महीने की 16 तारीख की है। उसी दिन उस नाबालिग लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टर तो इस बात से हैरान थे कि कैसे 9 महीने तक माता-पिता को (दावे के मुताबिक) अपनी बच्ची की स्थिति की भनक तक नहीं लगी। लेकिन, मामला नाबालिग की मां बनने का था तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के मुताबिक उन्हें 18 अप्रैल को अस्पताल से इसकी जानकारी मिली की 17 साल की लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया है।

लड़की के बयान ने पुलिस को चकराया
अस्पताल से जानकारी मिलते ही ऑल-वीमेन पुलिस फोर्स की टीम मामले की जांच के लिए पहुंच गई। डॉक्टरों से इजाजत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की से पूछताछ शुरू की कि उसने जिस मासूम को जन्म दिया है, उसका पिता कौन है? जब उसने अपने पड़ोस में रहने वाले 12 साल के बच्चे का नाम लिया तो उसके माता-पिता के साथ पुलिस वाले भी चकरा गए। उसने पुलिस को बताया कि उसका अपने से छोटे बच्चे के साथ अंतरंग संबंध थे और उसकी बच्ची का पिता वही है।

12 साल आरोपी पिता बाल सुधार गृह पहुंचा
हालांकि, शुरू में उस लड़की ने पुलिस को अपने से छोटे बच्चे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। लेकिन, काउंसलिंग के बाद पुलिस ने उसे इसके लिए किसी तरह से राजी कराया और पीड़िता के बयान के आधार पर पॉक्सो ऐक्ट, 2012 की धाराओं के तहत उस बच्चे को गिरफ्तार करके बाल सुधार गृह भेज दिया। लेकिन, पुलिस को इतने भर से तसल्ली नहीं हुई।

आरोपी पिता की उम्र की होगी वैज्ञानिक जांच
पुलिस ने अभी तक की तहकीकात में पाया है कि दोनों- नाबालिग बच्चा और लड़की स्कूल ड्रॉपआउट हैं और पड़ोस में ही रहते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर रविमती ने टीओआई को बताया है कि लड़की और उसके माता-पिता तबतक गर्भावस्था से अनजान (दावे के मुताबिक) बने रहे, जबतक कि उसने बच्ची को जन्म नहीं दे दिया। उन्होंने कहा है, 'हमने साइंटिफिक तरीकों और डीएनए टेस्ट के जरिए लड़के की उम्र का पता लगाने का फैसला किया है।'

क्यों उलझन में है पुलिस ?
लड़की ने जो भी बयान दिया ही, पुलिस को अभी उसपर पूरी तरह से तसल्ली नहीं है। इसलिए, लेडी इंस्पेक्टर ने कहा है, 'हालांकि, लड़की ने इशारा किया है कि गर्भावस्था का कारण वही लड़का है, लेकिन हम तहकीकात कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई और भी तो शामिल नहीं है।' पुलिस के एक और अफसर ने मीडिया को बताया है कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि क्या उसी लड़के से वह गर्भवती हुई है? क्योंकि, उसने पुलिस को बताया है कि वह 15 साल का है। लेकिन, जब लड़के के माता-पिता से पूछा गया तो उन्होंने उसकी उम्र सिर्फ 12 साल बताई है। पुलिस ने स्कूल के रिकॉर्ड भी चेक करवाए हैं, लेकिन उनके पास भी पुख्ता जानकारी नहीं है। अदालत ने भी इस मामले में बच्चे का मेडिकल कराने के साथ ही पुलिस को आदेश दिया है कि पता करें कि कहीं कोई दूसरा भी तो इसमें शामिल नहीं है।












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