2 महीने से लापता है 17 साल की लड़की, आत्माओं की दुनिया में था भरोसा, माता-पिता ने कही चौंकाने वाली बात
2 महीने से लापता है 17 साल की लड़की, आत्माओं की दुनिया में था भरोसा, माता-पिता ने कही चौंकाने वाली बात
बेंगलुरु, 31 दिसंबर: बेंगलुरु की रहने वाली 17 साल की एक लड़की पिछले 2 महीने से लापता हैं। लड़की के माता-पिता अपनी बेटी को खोजने के लिए पहले पुलिस के पास गे और अब सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। चिंतित माता-पिता ने बेटी के लापता होने को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गायब लड़के माता-पिता को शक है कि उसकी बेटी अकेले नहीं गायब हो सकती है। माता-पिता को शक है कि लड़की के लापता होने के पीछे 'शमनवाद' (शमनिज्म) है। नाबालिग लड़की अनुष्का अपने बेंगलुरु के घर से 31 अक्टूबर को निकली थी। माता-पिता ने कहा है, ''किसी ने मेरी बेटी को प्रभावित किया है, वह घर छोड़कर अकेले नहीं जा सकती है।''

2 जोड़ी कपड़े और ढाई हजार रुपये लेकर गायब हुई थी लकड़ी
अनुष्का करीब दो महीने से लापता है। वह 31 अक्टूबर को दो जोड़ी कपड़े और 2500 रुपये नकद लेकर घर से निकली थी। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये 'शमनवाद' (शमनिज्म) क्या है? तो आपको बता दें कि 'शमनवाद' (शमनिज्म) एक प्रचानी परंपरा है। जिसके तहत लोग देवी-देवताओं, आत्माओं और राक्षसों की अनदेखी दुनिया में विश्वास करते हैं। अनुष्का को भी इन्ही सब बातों में भरोसा था। कुछ लोगों के लिए, शमनवाद आत्माओं की दुनिया के माध्यम से आध्यात्मिक और शारीरिक उपचार का एक प्राचीन अभ्यास है।

'आत्माओं की दुनिया' के बारे में जानना चाहती थी अनुष्का
अनुष्का को शमनवाद यानी 'आत्माओं की दुनिया' के बारे में जानना और डिटेशन करने का शौक था। 12वीं कक्षा पास करने के बाद अनुष्का इसके प्रति आकर्षित हुईं। अनुष्का की मां अर्चना ने कहा, "उसने हमें (अनुष्का) बताया कि वह शमनिज्म मेडिटेशन करना चाहती है। वह आध्यात्मिक जीवन के प्रशिक्षकों और साइकेडेलिक शिक्षकों से प्रभावित थीं। जिसके बाद हमने उसे घर पर ही शमनिज्म मेडिटेशन करने की सलाह दी। जिसके बाद वह घर पर मेडिटेशन करती थी। मैं उससे वापस आने का अनुरोध करती हूं।''

सितंबर से बदल गया था उसका रवैया
पिता अभिषेक ने कहा कि उसका पता लगाने के पुलिस के प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं और वे ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उसके पिता अभिषेक ने कहा कि किसी ने घर छोड़ने के उसके फैसले को प्रभावित किया। पिता अभिषेक ने कहा, ''वह नाबालिग है। हो सकता है कि वह स्वयं निर्णय लेने की स्थिति में न हो। उसने मुझसे कहा कि वह शमनिज्म का पालन करना चाहती है।'' पिता अभिषेक ने कहा, अनुष्का सितंबर के महीने से काफी बदली-बदली सी लगने लगी थी। वह एकांतप्रिय हो गई और हर किसी से बचने की कोशिश करने लगी थी।

'हम उसे काउंसलर के पास भी ले गए थे...'
पिता अभिषेक ने कहा, ''मैं उसे एक काउंसलर के पास ले गया। हमने जो व्यवहार परिवर्तन देखा वह यह था कि उसने हमसे बात करना बंद कर दिया। वह खुद को कमरे में घंटों बंद रखती थी। खुद को घरेलू गतिविधियों से प्रतिबंधित कर रही थी।'' उन्होंने कहा कि अनुष्का 31 अक्टूबर को उनके घर से भाग गई थी। बेंगलुरु पुलिस अभी भी सुराग की तलाश कर रही है। पुलिस ने इसे 'ट्रिकी केस' करार दिया है। पुलिस कई जगहों से लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि जिस जगह से अनुष्का ट्रेसलेस हुई थीं, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था।

पूरे मामले पर पुलिस ने क्या कहा?
उत्तर बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त विनायक पाटिल ने कहा, ''हमने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लड़की के बारे में ट्रैक किया है। उसकी ऑनलाइन गतिविधियों के अलावा, जिसे हम फोरेंसिक रूप से एकत्र कर सकते हैं, हम हाल के दिनों में उसके बारे में और अधिक जानकारी निकाल रहे हैं। इस बीच की अवधि के दौरान, उसने किसी से संपर्क नहीं किया है। हम सीसीटीवी के डेटाबेस की तलाश कर रहे हैं।''
लगभग दो महीने से अपनी बेटी के बारे में किसी सुराग का इंतजार कर रहे अनुष्का के माता-पिता ने अब पुलिस के साथ काम करने के अलावा जनता की ओर रुख किया है। उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी को खोजने में मदद करने के लिए ट्विटर पर एक अपील के साथ आम जनता से मदद मांगी।












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