26/11 के बाद एक फिर हमलों ने लूटा था मुंबई का चैन और सुकून, जानिए क्‍या हुआ था 13/7 को

नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नवंबर 2008 दर्दनाक हमलों के बाद दूसरी बार आज ही के दिन 13 जुलाई को एक बार फिर दहला उठी थी, जब आतंकियों ने मायानगरी में एक के बाद तीन धमाके कर 26 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। दक्षिण मुंबई के जावेरी बाजार में शाम के वक्त पहला अटैक हुआ, दूसरा धमाका बिजनेस डिस्ट्रिक्ट ओपेरा हाउस में हुआ और उसके बाद दादार के सिटी सेंटर में हुए तीसरे धमाके ने तो पूरे देश को हिला कर रख दिया। इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा और जम्मू कश्मीर की जमीन पर पल रहे इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों का हाथ था।

एक के बाद एक तीन धमाके

एक के बाद एक तीन धमाके

नवंबर 2008 के धमाकों के बाद दूसरी बार मुंबई 13 जुलाई 2011 को दहल उठी, जब जावेरी बाजार में शाम के करीब 7 बजे पहला भयानक ब्लास्ट हुआ। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों ने जावेरी बाजार में एक दुकान के आगे छाते में बम छुपाया था। इस धमाके ने जावेरी बाजार की गली में चारों तरफ खून ही खून बिखेर दिया। धमाका इतना तेज था कि लोगों चिथड़े उड़ गए और कई दुकाने तक ध्वस्त हो गई। जावेरी बाजार के धमाके के एक ही मिनट के बाद अगला निशाना ओपरा हाउस बना, जहां एक बस स्टॉप के पास खड़ी कार में तेज धमाका हुआ। इस धमाके में भी कई लोग सड़कों पर घायल हो गए। दूसरे धमाके ने मुंबई पुलिस कंट्रोल के पसीने निकाल दिए था, क्योंकि 2 धमाकों ने स्थिति को काबू करना मुश्किल कर दिया था। उसके बाद दादर में भी ओपरा हाउस की तरह एक टैक्सी में तेज धमाका हुआ और एक ही सेकेंड में कई लाशे बिछ गई। इन तीन धमाकों ने रातभर पूरी मुंबई को एक अनिश्चित खौफ में डाल दिया था। उधर पूरा देश सहम उठा था और हर कोई मुंबईवासियों के लिए कामना कर रहा था। आज ही के दिन आतंकियों ने कुछ मिनटों में 26 मुंबईवासियों को नींद की मौत सुला दिया और 130 लोगों को जख्मी कर दिया, जिसके जख्म अभी भी गहरे हैं।

धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ

धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ

मुंबई में एक के बाद एक हुए तीन आतंकी हमलों के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की, जिसमें पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटैल की जांच की। एटीएस जांच की मानें तो जांच के दौरान कुल 12 हजार 3 सौ 73 लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान 18 राज्यों में धमाकों के सुराग की तलाश की गई और लगातार 29 दिनों तक तकरीबन 1 सौ 80 घंटे के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। धमाका करने वालों को डेढ़ लाख रुपए दिए थे। यह पैसे यासिन भटकल ने मुहैया कराए थे।

कसाब का जन्म दिन पर बदला?

कसाब का जन्म दिन पर बदला?

26/11 हमलों में पकड़ा गया एकमात्र जिंदा गिरफ्तार हुआ आतंकी अजमल आमिर कसाब का जन्म दिन भी 13 जुलाई को आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने कसाब का बदला लेने के लिए उसके जन्म दिन पर मुंबई को एक फिर निशाना बनाया। हालांकि, कोर्ट रिकॉर्ड्स कसाब सितंबर माह में पैदा हुआ था।

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