मप्र: माता के मंदिर में भगदड़ मरने वालों की तादात 100 के पार

वहीं मरने वालों में 30 बच्चे भी शामिल है। अफवाह के कारण घटी इस वारदात ने प्रशासन के असली चेहरा सामने ला दिया है। इस ऐतिहासिक मंदिर पर नवरात्र के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। मंदिर का रास्ता एक संकरे पुल से होकर गुजरता है। इसके बावजूद दर्शन के लिए आने और लौटने वाले लोगों के लिए अलग इंतजाम नहीं किए गए थे। हालांकि, दावा किया गया है कि पुल की रेलिंग टूटने के बाद फैली अफवाह से भगदड़़ मची। लेकिन लोगों का कहना है कि इसके लिए पुलिस का लाठीचार्ज जिम्मेदार है।
हर साल इस ऐतिहासिक मंदिर में नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालू जुटते है। मंदिर छोटी पहाड़ी पर है जिसका रास्ता छोटे से संकरे पुल से होकर गुजरता है। किसी ने अफवाह फैलाई कि पुल टूट गया है। जिसके बाद भगदड़ मच गई और ये भयानक हादसा हो गया।
गौरतलब है कि इससे पहले 2006 में भी की नवरात्र के दौरान इसी तरह का हादसा यहां घटा था। बावजूद इसके प्रशासन ने इससे सीख नहीं ली और ये भयानक हादसा हो गया, जिसमें 115 लोगों की मौत हो गई।












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