100 ड्रोनों का एक साथ किया हमला, दिखी स्वदेशी हथियारों की मारक क्षमता, मोदी बोले- ये मेक इन इंडिया की सफलता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को तीन सेनाओं के सयुंक्त 'भारत शक्ति अभ्यास' देखने के लिए राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहुंचे। इस दौरान तीनों सेनाओं ने भारत शक्ति युद्धाभ्यास के जरिए भारत में बने हथियारों की ताकत दिखाई।
युद्धाभ्यास में भारतीय सेना ने दुश्मनों के ठिकानों को ध्वस्त करने की भारतीय सेना की क्षमता का प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में आतंकी ठिकानों पर सेना के ऑपरेशन का भी प्रदर्शन किया गया। तेजस एयरक्राफ्ट ने दुश्मन सेना के टैंकरों को ध्वस्त करने क्षमता दिखाई तो वहीं 100 ड्रोन ने मिलकर दुश्मन सेना पर एक साथ हमला कर भारतीय सेना की हाईटेक युद्ध प्रणाली का परिचय दिया। भारत शक्ति युद्धाभ्यास में पिनाका, नाग और धनुष मिसाइल की मारक क्षमता भी देखने को मिली।

भारत शक्ति युद्धाभ्यास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमारा पोखरण एक बार फिर भारत की आत्मनिर्भरता, भारत के आत्मविश्वास और भारत के आत्मगौरव की त्रिवेणी का साक्षी बना है। उन्होंने आगे कहा कि यही पोखरण है, जो भारत की परमाणु शक्ति का साक्षी रहा है और यहीं पर हम आज स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण का दम भी देख रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत शक्ति का यह उत्सव शौर्य की भूमि राजस्थान में हो रहा है, लेकिन इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। पीएम ने कहा कि कल ही भारत ने लंबी दूरी की क्षमता वाली अग्नि मिसाइल का परीक्षण किया है। दुनिया के बहुत कम देशों के पास इस तरह की आधुनिक तकनीक है। पीएम ने कहा कि ये डिफेंस सेक्टर के क्षेत्र में भारत की एक और उड़ान है।
मोदी ने कहा कि विकसित भारत की कल्पना आत्मनिर्भर भारत के बिना संभव ही नहीं है। भारत को विकसित होना है तो हमें दूसरों पर अपनी निर्भरता को कम करना होगा। इसलिए आज भारत खाने के तेल से लेकर आधुनिक लड़ाकू विमान तक हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दे रहा है। यह युद्धाभ्यास इसी संकल्प का हिस्सा है। आज मेक इन इंडिया की सफलता हमारे सामने है। हमारी तोपों, टैंकों, लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टर, मिसाइल सिस्टम की जो गर्जना आप देख रहे हैं, यही तो भारत शक्ति है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में हमने देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अथक प्रयास किये हैं और एमएसएमई और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया। आने वाले वर्षों में जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेंगे, तो भारत का सैन्य सामर्थ्य भी नई बुलंदी पर होगा।
मोदी ने कहा कि जिन हथियारों का इस्तेमाल जवान करते हैं, यदि वे देश में बने हों तो उन्हें पता होता है कि यह हथियार कभी कम नहीं पड़ेंगे। कुछ दिन पहले ही कैबिनेट ने फैसला लिया है कि पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी हम भारत में ही डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर करने वाले हैं। भविष्य में भारत का डिफेंस सेक्टर बहुत बड़ा होने वाला है। भारत डिफेंस सेक्टर में भी निर्यातक बनता जा रहा है।












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