Flashback 2022: 10 बड़े प्रोजेक्ट जो कांग्रेस सरकार में अटके रहे उन्हें मोदी सरकार ने पूरा कर दिखाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में लंबित पड़े कई इंफ्रा प्रोजेक्ट को ना फास्ट ट्रैक करके उन्हें पूरा करने का काम किया है। आइए डालते हैं ऐसे ही 10 बड़े प्रोजेक्ट पर एक नजर

Flashback 2022: गोवा के मोपा इटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर को उद्घाटन किया। अहम बात यह है कि 12 साल पहले तत्कालीन यूपीए सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। कई सालों तक यह एयरपोर्ट प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण और राजनीतिक मतभेदों के चलते अधर में लटका था। लेकिन 2016 में गोवा सरकार ने जीएमआर ग्रुप को इस एयरपोर्ट को बनाने का जिम्मा पीपीपी मॉड्यूल पर दिया। यह पहला प्रोजेक्ट नहीं है जिसे यूपीए सरकार के कार्यकाल में मंजूरी दी गई थी और उसे मोदी सरकार में पूरा किया गया। इस तरह के कई प्रोजेक्ट हैं जिन्हें यूपीए सरकार ने मंजूरी दी लेकिन उसे पूरा मोदी सरकार के कार्यकाल में किया गया।

 यूपीए सरकार के आखिरी के तीन साल में 18 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट अटके

यूपीए सरकार के आखिरी के तीन साल में 18 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट अटके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर यह कहा है कि हमने कई अधर में लटके यूपीए प्रोजेक्ट को पूरा कराया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कई इंफ्रा प्रोजेक्ट जो लटके थे, उन्हें शुरू किया गया और उन्हें फास्ट ट्रैक करके पूरा किया गया। उदाहरण के तौर पर सरयू इरिगेशन प्रोजेक्ट की बात करें तो यह पिछले 4 सालों से अटका हुआ था, लेकिन आखिरकार इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2021 में पूरा किया गया। एक्सपर्ट का मानना है कि यूपीए सरकार के आखिरी के तीन सालों 2011-2014 के बीच कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। इस अवधि में तकरीबन 18 लाख करोड़ के इंफ्रा प्रोजेक्ट लंबित थे।

प्रगति की शुरुआत

प्रगति की शुरुआत

यूपीए सरकार में लंबित पड़े इन इंफ्रा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने प्रगति, यानि प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लिमेंटेशन की शुरुआत की। इसका लक्ष्य रुके हुए प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करना था। प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री सीधे तौर पर प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों से बात करते थे और प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की कोशिश करते थे। तकरीबन 14 प्रगति बैठकें इन समस्याओं के निस्तारण के लिए की गई थीं। इसके बाद नीति आयोग ने इन प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई।

 यूपीए सरका में जो प्रोजेक्ट अटके, उन्हें मोदी सरकार ने किया पूरा

यूपीए सरका में जो प्रोजेक्ट अटके, उन्हें मोदी सरकार ने किया पूरा

मोदी सरकार ने जिन बड़े प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक किया उनपर नजर डालें तो 10 ऐसे बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिन्की यूपीए सरकार ने या फिर उससे पहले की सरकार ने घोषणा की थी, लेकिन ये प्रोजेक्ट काफी समय से लंबित पड़े थे। इन प्रोजेक्ट्स को मोदी सरकार में फास्ट ट्रैक किया गया। अहम बात यह है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में कई प्रोजेक्ट जो बहुत सालों से लंबित थे उन्हें आगे नहीं बढ़ाया गया। कुछ प्रोजेक्ट को 1991 के थे, जिन्हें आगे नहीं बढ़ाया गया। लेकिन मोदी सरकार में ना सिर्फ यूपीए सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक किया गया बल्कि उससे पहले के जो प्रोजेक्ट अटके पड़े थे उन्हें भी फास्ट ट्रैक किया गया।

इन 10 प्रोजेक्ट को किया गया फास्ट ट्रैक भूपेन हजारिका सेतु का ऐलान 2003 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया बीदर-कलाबुर्गी रेल लाइन का ऐलान 1999-2000 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का ऐलन 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया पाकयोंग एयरपोर्ट का ऐलान 2008 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का ऐलान 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया बॉगीबील ब्रिज का ऐलान 1997 में किया गया था लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया। कश्मीर रेल लिंक प्रोजेक्ट का ऐलान 1995 में किया गया था, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा विजिनजम पोर्ट का ऐलान 1991 में किया गया, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट का ऐलान 2001 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा। बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे का ऐलान 2011 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।

इन 10 प्रोजेक्ट को किया गया फास्ट ट्रैक भूपेन हजारिका सेतु का ऐलान 2003 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया बीदर-कलाबुर्गी रेल लाइन का ऐलान 1999-2000 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का ऐलन 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया पाकयोंग एयरपोर्ट का ऐलान 2008 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का ऐलान 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया बॉगीबील ब्रिज का ऐलान 1997 में किया गया था लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया। कश्मीर रेल लिंक प्रोजेक्ट का ऐलान 1995 में किया गया था, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा विजिनजम पोर्ट का ऐलान 1991 में किया गया, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा। जेवर एयरपोर्ट का ऐलान 2001 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा। बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे का ऐलान 2011 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।

  1. भूपेन हजारिका सेतु का ऐलान 2003 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया
  2. बीदर-कलाबुर्गी रेल लाइन का ऐलान 1999-2000 में किया गया लेकिन इसे पूरा 2017 में किया गया
  3. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का ऐलन 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया
  4. पाकयोंग एयरपोर्ट का ऐलान 2008 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया
  5. ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का ऐलान 2006 में किया गया था, लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया
  6. बॉगीबील ब्रिज का ऐलान 1997 में किया गया था लेकिन इसे पूरा 2018 में किया गया।
  7. कश्मीर रेल लिंक प्रोजेक्ट का ऐलान 1995 में किया गया था, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा
  8. विजिनजम पोर्ट का ऐलान 1991 में किया गया, इसे 2023 में पूरा कर लिया जाएगा।
  9. जेवर एयरपोर्ट का ऐलान 2001 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।
  10. बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे का ऐलान 2011 में किया गया था, इसे 2024 में पूरा कर लिया जाएगा।

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