केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने हिमाचल सरकार पर साधा निशाना, कहा-'पिछली सरकार की योजनाओं को बंद कर रहे'
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए चुनावी वादों से मुकरने और पिछली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण पहलों को उलटने का आरोप लगाया है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार की नीतिगत निर्णयों की कड़ी आलोचना की और निवासियों को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों को उठाया।
केंद्रीय मंत्री मल्होत्रा ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पूर्व में चल रही मुफ्त पेयजल योजना को बंद कर दिया गया है। जिससे लोगों पर मासिक पानी के बिलों का अतिरिक्त बोझ आ गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि 125 इकाइयों तक मुफ्त बिजली देने वाली योजना को भी रद्द कर दिया गया है। जिससे घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं दोनों के बिजली शुल्क में वृद्धि हुई है।

हर्ष मल्होत्रा ने धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय परियोजना को लेकर राज्य सरकार की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 250 करोड़ रुपए का योगदान दिया है। लेकिन राज्य सरकार ने वन क्लीयरेंस के लिए आवश्यक 30 करोड़ रुपए का अपना हिस्सा अभी तक पूरा नहीं किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शैक्षिक संस्थानों के लिए नियत भूमि को पर्यटन के नाम पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं के सहयोगियों को पट्टे पर दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में 23,000 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों रुपए का निर्माण हो रहा है। जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय बजट में ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपए के आवंटन का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल योजनाओं की घोषणाएं कर रहे हैं। लेकिन उनके क्रियान्वयन की दिशा में कोई ठोस काम नहीं हो रहा है। उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार को अपने पूर्ववर्ती की तुलना में दिशाहीन बताया।
दिन की शुरुआत में हर्ष मल्होत्रा ने धर्मशाला के कोतवाली बाजार में एक स्वच्छता अभियान में भी भाग लिया। उनकी यह भागीदारी स्वच्छता और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा का यह बयान हिमाचल प्रदेश में सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर नई बहस छेड़ सकता है। खासकर जब प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो रही है।












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