कोटखाई मामले की जांच में CBI की रडार पर स्कूल टीचर, जैदी पर शिकंजा कमजोर!
इस मामले में सीबीआई अब तक 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मामले की जांच के तहत सीबीआई की टीम अभी भी कोटखाई में डेरा डाले हुए हैं।
शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस की जांच कर रही सीबीआई ने एक बार फिर शिमला के कुछ लोगों पर शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने छात्रा के स्कूल के कुछ टीचरों से गहन पूछताछ की है। इस मामले में सीबीआई अब तक 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मामले की जांच के तहत सीबीआई की टीम अभी भी कोटखाई में डेरा डाले हुए हैं। बता दें कि हादसे में मारी गई लड़की 4 जुलाई को स्कूल से छुट्टी के बाद घर वापस लौटते समय अचानक गायब हो गई थी। ऐसे में परिजनों ने अपने स्तर पर स्कूली छात्रा की तलाश शुरू की लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं लगा। इसी बीच 6 जुलाई की सुबह उसका शव कोटखाई के दांदी के जंगल में पड़ा मिला। इस प्रकरण में सबसे पहले हिमाचल पुलिस जांच अमल में लाई थी। इसके बाद लोगों के व्यापक विरोध के चलते ये मामला एसआईटी को सौंपा गया था। इसके बाद एसआईटी ने जांच अमल में लाते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन लोगों में ये मामला सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया, उससे पहले पुलिस लॉकअप में एक आरोपी सूरज की हत्या हो गई।

CBI के शिकंजे में नए एंगल
ऐसे में सीबीआई ने गुड़िया मर्डर और रेप केस, पुलिस लॉकअप हत्याकांड को लेकर अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। पुलिस लॉकअप हत्याकांड मामले में सीबीआई ने एसआईटी के मुखिया आईजी जैदी सहित अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की थी। हालांकि गुड़िया मर्डर और रेप केस में अभी तक कोई नई गिरफ्तारी नहीं कर हुई है। इससे पहले सोमवार को कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में एक आरोपी की हवालात में मौत के मामले में जुडिशियल कस्टडी में चल रहे एसआईटी के प्रमुख रहे हिमाचल पुलिस के आईजी जहूर जैदी की जेल में अचानक तबीयत बिगड़ गई।

जैदी पर CBI के हाथ कमजोर
जिसके चलते उन्हें शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में लाया गया है। बताया गया है कि उनको सीने में तकलीफ के चलते रेगुलर चेकअप के लिए यहां लाया गया है। डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है। इसके अलावा जैदी के साथ हिरासत में चल रहे कांस्टेबल सूरत सिंह की भी तबीयत खराब हो गई है। दरअसल सूरत को सर्जरी की ओपीडी में लाया गया। उल्लेखनीय है कि जैदी पहले भी कई दिन तक यहां एडमिट रहे थे।

90 दिनों से पहले होगा खुलासा!
कोटखाई मामले में आरोपी की हवालात में मौत के मामले में सीबीआई ने आईजी जहूर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजेंद्र सिंह, एएसआई दीपचंद, कांस्टेबल सूरत सिंह, रंजीत सरेटा, रफीक अली और मोहन लाल को गिरफ्तार किया था और अभी तक सभी न्यायिक हिरासत में हैं। उधर, इस मामले में इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई चालान पेश नहीं कर पाई है। 29 नवबंर को 90 दिन पूरे हो जाएंगे और सीबीआई को तब हर हाल में चालान पेश करना होगा। अगर सीबीआई ऐसा ना कर पाई तो आरोपी पुलिसकर्मियों को जमानत मिल सकती है।












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