हिमाचल में भाजपा-कांग्रेस के बीच चुनावी जंग, संबित पात्रा और हुड्डा भिड़े
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। शिमला में भाजपा ने कांग्रेस को घेरने के लिये भाजपा ने प्रवक्ता संबित पात्रा को उतारा तो कांग्रेस की ओर से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सामने आये। एक ओर पात्रा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे की आमदनी पर सवाल उठाये तो हुड्डा ने जीएसटी पर मोदी सरकार को घेरते हुये जीएसटी का मतलब बताया, गई सरकार तुम्हारी।

विक्रमादित्य मॉडल को बताया वाड्रा मॉडल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुये कहा कि हिमाचल में विक्रमादित्य मॉडल वाड्रा मॉडल जैसा है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि ये कैसे मॉडल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में वीरभद्र सिंह ने जो एफिडेविट दिया था उसमें विक्रमादित्य को उन्होंने अपने ऊपर आश्रित बताया था लेकिन इस बार खुद उनके बेटे ने अपनी संपत्ति करोड़ों में घोषित की है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 5 सालों में उनके पुत्र के पास करोड़ों की संपत्ति कहां से आ गई।

'परिवारवाद में फंसी कांग्रेस'
संबित पात्रा ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह ने अपनी कंपनी के माध्यम से करोड़ों का फार्महाउस लिया, जिसे अब ई.डी. द्वारा जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपना तो करोड़ों का बीमा करवाया और प्रदेशवासियों को कुछ नहीं दिया, जिसके चलते आज प्रदेश सरकार के मुखिया जमानत पर हैं। हिमाचल की जनता इसको महसूस कर रही है और सब समझती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस पार्टी ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया है। चुनावों में ज्यादातर टिकट पिता-पुत्र व पुत्री को दिए गए हैं।
उन्होंने वीरभद्र सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हिमाचल में वीरभद्र ने जो विकास किया है वह केवल विक्रमादित्य का किया है। मुख्यमंत्री के पुत्र मोह में हिमाचल का विकास नहीं हो पाया है। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी परिवारवाद में फंसी हुई है, जिसके चलते उन्होंने ज्यादातर टिकट परिवारों को ही दिया है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व पर कहा कि भाजपा की संसदीय कमेटी इस पर सही समय में निर्णय लेगी। पूर्व में हुए चुनावों में भी पार्टी ने किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं दिया था। हिमाचल में भी सही समय पर सही निर्णय लिया जाएगा।

हुड्डा ने मोदी सरकार को घेरा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोदी सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुये कहा कि भाजपा केंद्र की एनडीए के चेहरे पर ही चुनाव लड़ना चाह रही है, लेकिन जनता इनके झांसे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एनपीए, यानी नॉन परफार्मिंग एसेट बन गई है। उनका कहना था कि जीएसटी के कारण लोग परेशान हैं, ऐसे में वे भाजपा को कह रहे हैं कि गई सरकार तुम्हारी। हुड्डा ने कहा कि हिमाचल विधानसभा के चुनाव में भाजपा के साथ आज कोई मुद्दा नहीं है और वह केंद्रीय नेतृत्व के नाम पर ही फील्ड में है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि केंद्र के नेता क्या यहां सीएम बनेंगे?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास के नाम पर जनता के बीच में है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया, जबकि इसका वादा किसानों से किया गया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आज देश की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हुई है। उसका कारण नोटबंदी और जीएसटी है। उनका कहना है कि नोटबंदी का असर आज दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों के रोजगार छिन रहे हैं और छोटे व्यापारी पर जीएसटी का असर हो गया है।
उन्होंने कहा कि जब वे सीएम थे, उस समय पर भी इसके प्रारूप का विरोध किया था, एनडीए सरकार ने जीएसटी की दरों में भारी बढ़ोतरी की है। हुड्डा ने कहा कि डीजल महंगा होने से महंगाई बढ़ी है। हुड्डा ने कहा कि आज हिमाचल और गुजरात दो जगह चुनाव हो रहे हैं, लेकिन यहां जो रिस्पांस मिल रहा है उससे स्पष्ट है कि यहां वीरभद्र के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बन रही है और वीरभद्र फिर सीएम बनेंगे।इस मौके पर हरियाणा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, प्रदेश महासचिव नरेश चौहान भी मौजूद थे। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस से बागी हुए लोगों को मनाने में पार्टी लगी है और वे बागियों को बिठाएगी, क्योंकि वोट के विभाजन से बीजेपी को लाभ हो सकता है। इसलिए उनकी अपील है कि जो लोग पार्टी के खिलाफ गए हैं, वे पार्टी हित में बैठ जाएं। उनका कहना था कि कुल्लू के नेता धर्मवीर धामी भी पार्टी हित में बैठे हैं और उन्हें कुल्लू जिला का प्रभारी बनाया गया है। हुड्डा ने कहा कि ओपिनियन पोल जीएसटी के घटनाक्रम से पहले का होगा। आज स्थिति अलग है।












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