'हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन की प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें', प्रियंका गांधी ने PM से की मांग
प्रियंका वाड्रा ने पत्र में यह भी लिखा कि हिमाचल देवभूमि होने के साथ-साथ सच्चे, सरल और मेहनती लोगों का प्रदेश है। आज की तारीख में वही लोग अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन के कारण उत्पन्न प्राकृतिक आपदा को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने चिंता व्यक्त की है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है।
पत्र में प्रियंका वाड्रा ने यह भी लिखा कि हिमाचल देवभूमि होने के साथ-साथ सच्चे, सरल और मेहनती लोगों का प्रदेश है। हिमाचल की स्त्रियां, किसान, कर्मचारी, कारोबारी और युवा बहुत परिश्रमी और स्वाभिमानी हैं। आज की तारीख में वही लोग अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से हिमाचल प्रदेश बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में रहा हैं। जिसके कारण आपदा में 400 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। आइए जानें आगे क्या लिखा प्रियंका ने पत्र में ?

पत्र में प्रियंका वाड्रा ने यह भी लिखा कि राज्य में आई बाढ़ और भूस्खलन से भीषण विनाश हुआ है। पिछले दिनों मैं शिमला, कुल्लू, मनाली और मंडी में आपदा पीड़ितों से मिली। हर तरफ हुई तबाही को देखकर बहुत दुःख हुआ। अब तक इस आपदा में 428 लोगों ने जान गंवाई है। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने सभी परिजन इस आपदा में खो दिए। मृतकों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो अपनी माताओं के साथ सावन के अंतिम सोमवार को सुबह-सुबह शिव मंदिर में पूजा करने गए थे।
मौत के मुंह में हिमाचल प्रदेश!
बाढ़ से हुई तबाही के बारे में बताते हुए उन्होंने आगे लिखा, राज्य में 16,000 से ज्यादा पशु-पक्षी मारे गए हैं, जिनमें 10,000 से अधिक पोल्ट्री बर्ड और 6,000 से अधिक गाय, भैंसे व अन्य पालतू जानवर हैं। 13,000 से ज्यादा घर और मकान पूरी तरह या आंशिक रूप क्षतिग्रस्त हुए हैं। शिमला से परवाणू राष्ट्रीय राजमार्ग और कुल्लू-मनाली-लेह राजमार्ग के बड़े-बड़े हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राज्य की अनेक सड़कें पूर्णतः या अंशतः टूट चुकी हैं। प्रदेश को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है।
हिमाचल में दिखी कजुटता की भावना
प्रियंका वाड्रा ने आगे कहा कि इस तबाही से निपटने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रही है। मैंने हिमाचल की जनता को राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संकट का सामना करते हुए देखा। कहीं कोई सड़क की मरम्मत के लिए श्रमदान में जुटा है तो कहीं आपदा प्रभावित लोग स्कूली बच्चे, किसान आपस में चंदा जुटाकर राहत कार्यक्रमों में मदद कर रहे हैं। एकजुटता की इस भावना से मैं बहुत प्रभावित हुई। इसी भावना के साथ मैं आपको यह पत्र लिख रही हूं।
हिमाचल बाढ़ का मुद्दा संसद में उठाएगी कांग्रेस
आपको बता दें कि बीती बुधवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिमला में भूस्खलन स्थल का दौरा किया। यहां उन्होंने शिमला के समरहिल में 14 अगस्त को हुए भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कीं थी। समरहिल के शिव मंदिर में भूस्खलन से 20 लोगों की मौत हो गई थी। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा था कि अगले सप्ताह संसद के विशेष सत्र में हिमाचल प्रदेश में हालिया आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग उठाएंगी।












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