INDIAN ARMY में फूट डालने के लिए ISI का घटिया तरीका!
सेना के ब्रिगेडियर के खिलाफ पोस्टर बांटे जाने के घटनाक्रम को भारतीय सेना इसी से जोड़कर देख रही है। सेना को शक है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारतीय सेना के अधिकारी की छवि और सेना के उत्साह को गिराने की कोशिश कर रही है।
शिमला। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत में सेना की छावनी क्षेत्र को अपना निशाना बनाकर सेना के अफसरों व जवानों के बीच विवाद कराने की कोशिशों में जुटी है। इसी के तहत भारतीय सेना के अफसरों को बदनाम करने की घटिया हरकतें की जा रही हैं। सेना के पास से इस बारे में पुख्ता जानकारी मिली है। दरअसल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास योल छावनी में जिस तरीके से ब्रिगेडियर स्तर के बड़े अधिकारी के खिलाफ पोस्टर वार शुरू किया गया, वो ISI की एक साजिश का ही हिस्सा है। सेना के ब्रिगेडियर के खिलाफ पोस्टर बांटे जाने के घटनाक्रम को भारतीय सेना इसी से जोड़कर देख रही है। सेना को शक है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारतीय सेना के अधिकारी की छवि और सेना के उत्साह को गिराने की कोशिश कर रही है। दरअसल मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है कि अपनी ब्रिगेड में इस रैंक के अफसर ही कंमाडर होते हैं। उनके नीचे सेना की पूरी ब्रिगेड होती है।

अफसर के खिलाफ पोस्टर बांटने का है मामला
दरअसल यहां ब्रिगेडियर रैंक के अफसर के खिलाफ पोस्टर बांटने का मामला सामने आया है। अखबारों में डालकर बांटे इन पोस्टर में सेना के अफसर पर कई अनर्गल आरोप लगाए गए। ब्रिगेडियर की फोटो वाले ये पोस्टर बाद में सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिए गए। पोस्टर को किसने बांटा और किसने छपवाया, किस प्रिंटिंग प्रेस में ये छपे, इसका भी कहीं जिक्र नहीं है। इस घटना के बाद योल छावनी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सेना ने इसकी जांच करवाई तो इसे पूरी तरह झूठ और मनघड़ंत पाया गया। बताया जा रहा है कि अखबारों में वितरण के लिए ये पोस्टर किसी अज्ञात व्यक्ति ने दिए थे। इसके पीछे किसका हाथ है, सेना इसकी अभी जांच कर रही है।

भारतीय जवानों का मनोबल कमजोर करने चली है ISI
इस बीच सेना के जन सूचना अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा है कि इसमें व्यक्ति की शरारत या पाकिस्तान जासूस एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। मामले की जांच सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने की है। इस प्रकरण में कमांडर की बेहतर छवि को खराब करने और सेना के उत्साह को गिराने की कोशिश की गई है।

चौकन्ना है भारतीय सेना
सेना के कमांडर ने पांच महीने पहले जब से योल में ज्वाइन किया है, तब से वहां पर कोई भी डांस पार्टी आयोजित नहीं हुई है। स्टेशन में दो मेडिकल ऑफिसर, एक दंत चिकित्सक, एक सेक्शन अस्पताल एंबुलेंस सुविधा से लैस तैनात है। किसी को इलाज करवाने के लिए सेना के स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत नहीं होती है। स्टेशन के पास ही योल में मिलिट्री अस्पताल भी है। वहां जाने के लिए स्टेशन में हमेशा वाहन तैनात रहते हैं, जो सभी के लिए होते हैं।
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